बीसलपुर के गांव का विवादित भवन । संवाद
बीसलपुर। एसडीएम के निर्देश पर नायब तहसीलदार रमेशचंद्र ने पुलिस के साथ बुधवार को गांव ईंटा रोड़ा जाकर विवादित भवन का निर्माण कार्य रुकवा दिया। साथ ही दीवार को बृहस्पतिवार तक तुड़वाने का आदेश दिया। एसडीएम को शिकायत मिली थी कि ईंटा रोड़ा गांव में सरकारी जमीन पर मदरसे का निर्माण कराया जा रहा है, जबकि निर्माण कराने वालों ने नायब तहसीलदार को बताया कि वे अपनी जमीन पर बरातघर का निर्माण करा रहे हैं।
गांव ईंटारोड़ा निवासी कृष्ण कुमार वर्मा ने बुधवार को तहसील कार्यालय आकर एसडीएम सचिन राजपूत को शिकायतीपत्र दिया। इसमें आरोप लगाया गया था कि उनके गांव में सरकारी जमीन पर अवैध रूप से मदरसे का निर्माण कराया जा रहा है। इन लोगों ने करीब 150 साल पुराना पीपल का पेड़ भी मदरसे के अंदर ले लिया है, जबकि पीपल की गांव के लोग पूजा करते हैं।
एसडीएम के निर्देश पर बुधवार को नायब तहसीलदार रमेशचंद्र ने पुलिस के साथ मौका मुआयना किया। राजस्व अभिलेखों के हिसाब से मिलान करने पर पता चला कि भवन की एक दीवार सरकारी जमीन पर बनाई गई है। बाकी हिस्सा मस्जिद की जमीन पर बनाया गया है। पूछताछ करने पर निर्माण कार्य करने वाले लोगों ने बताया कि वे बरातघर बना रहे हैं। नायब तहसीलदार ने भवन का निर्माण कार्य रुकवा दिया और बृहस्पतिवार तक दीवार तुड़वाने का आदेश दिया।
नायब तहसीलदार ने बताया कि यदि बृहस्पतिवार दोपहर तक दीवार नहीं हटाई गई तो उसे जेसीबी से तुड़वा दिया जाएगा। उन्होंने जांच रिपोर्ट एसडीएम को सौंप दी है। एसडीएम ने बताया कि जांच में पाया गया है कि विवादित भवन मदरसा का नहीं, बल्कि बरातघर का है। भवन की एक दीवार सरकारी जमीन पर बनी पाई गई है। उसे बृहस्पतिवार दोपहर तक हटा लेने को कहा गया है।