कोर्ट के आदेश पर तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। एक कंपनी के निदेशक से धोखाधड़ी कर करोड़ों रुपये हड़पने के मामले में कोर्ट के आदेश पर तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी व अमानत में खयानत की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
बरेली के राजेंद्र नगर कॉलोनी निवासी दिनेश चंद्र ने सुनगढ़ी थाने में दर्ज कराए मुकदमे में बताया कि वह डीबी साईं इंफ्रा प्रोजेक्ट इंडिया लिमिटेड कंपनी के निदेशक हैं। मेरठ कोतवाली के मोहल्ला न्यू मोहनपुरी के रहने वाले सतीश चंद्र गुप्ता, उनके पुत्रों अनुपम गुप्ता व कपिल गुप्ता से उनकी पुरानी जान पहचान है।
जून, 2018 में आरोपी उनके घर आए और कहा कि पीलीभीत नगर पालिका में अमृत योजना के तहत वाटर सप्लाई व ओवरहेड टैंक बनवाया जाना है। जिसका ठेका उन लोगों को मिलने वाला है। इसके बाद आरोपियों ने बतौर सिक्योरिटी 55 लाख रुपये जमा कराने की बात कही। दिनेश का कहना है कि उन्होंने यह राशि उन्हें देदी।
27 दिसंबर 2018 को लिखित समझौता होने के बाद जनवरी 2019 से काम शुरू करा दिया गया। जिसका ठेका 13.3 करोड़ का हुआ। उक्त लोगों ने आठ करोड़ का भुगतान करा लिया, मगर उन्हें दो करोड़ का ही भुगतान किया। इसके बाद उनसे बिल हैंड व टेस्टिंग के लिए 50 लाख रुपये जमा कराए।
मई 2022 में इस निर्माण को पूर कर पालिका की सुपुर्दगी में दे दिया गया। इसके बाद आरोपियों ने विभाग के पास सिक्योरिटी के तौर पर जमा एक करोड़ रुपये निकाल लिए। साथ ही आठ करोड़ की जीएसटी की 10 प्रतिशत राशि 80 लाख रुपये भी निकाल ली। दिनेश के अनुसार उन्होंने हिसाब करना चाहा तो आरोपी टालमटोल करने लगे। जान से मारने की धमकी भी दी।
पुलिस से कई बार शिकायत की लेकिन कार्रवाई नहीं की गई। ऐसे में उन्होंने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश पर सुनगढ़ी पुलिस ने सतीश चंद्र व उनके दो पुत्रों अनुपम व कपिल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।