पीलीभीत। एक अधिवक्ता ने शहरी आशा चयन में नियमों के विपरीत जाकर प्रक्रिया अपनाने का आरोप लगाते हुए सीएमओ की शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर की है। आरोप है कि आशाओं का चयन वार्ड वार होना था, लेकिन इसे मोहल्लावार किया जा रहा है।
बीसलपुर निवासी अधिवक्ता किशनलाल पासी ने मुख्यमंंत्री को भेजे शिकायती पत्र में कहा है कि सीएमओ ने शासन के आशा चयन संबंधी आदेशों का खुला उल्लंघन किया है। आरोप है कि जिलाधिकारी ने भी इस मामले में अनदेखी की है। आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को वंचित कर उनके साथ अन्याय किया गया है।
शिकायती पत्र में 12 बिंदुओं पर शिकायत की गई है। जिसमें बताया गया है कि शहरी आशा चयन की विज्ञप्ति का प्रकाशन एनआईसी के पोर्टल पर नहीं किया गया तो आवेदन के लिए भी दो माह की जगह 10 दिन का समय दिया गया। अधिवक्ता ने शिकायत में चयन प्रकिया को पूरी तरह नियमों के विपरीत बताया है। ऐसे में प्रक्रिया को निरस्त कराने की मांग की गई है।
अगर नियमों के विपरीत जाकर सूची बनी है तो उसे रद्द करा दिया जाएगा। कोई भी कार्य नियमों के विपरीत नहीं होगा।
- संजय कुमार सिंह, जिलाधिकारी
विज्ञापन में मोहल्लावार जो सूची दी गई है, वह नगर पालिका ने दी है। नियमों के विपरीत कुछ नहीं है। आरोप निराधार हैं।
- डॉ. आलोक कुमार शर्मा, सीएमओ