61 पदों के सापेक्ष हैं मात्र 22 कर्मचारी, बिलसंडा में ही अब तक 117 मरीज मिले
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। जिले के लोगों को मलेरिया से बचाने का दावा करने वाला मलेरिया विभाग खुद बीमार है। यहां पर स्टाफ की काफी कमी है। 61 के सापेक्ष मात्र 22 कर्मचारी ही हैं। इसी का नतीजा है कि बिलसंडा में मलेरिया पर नियंत्रण नहीं हो पा रहा, यहां अब तक 117 मरीज मिल चुके हैं।
गर्मी के मौसम में मलेरिया और डेंगू की दस्तक होती है। जिले में पिछले साल भी मलेरिया और डेेंगू का प्रकोप रहा था। इस बार भी जिले में अब तक 128 मामले सामने आ चुके हैं। इसमें बिलसंडा क्षेत्र में ही 117 मरीज मिले हैं। यह संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन स्टाफ की कमी के चलते मच्छरजनित बीमारियों पर रोक नहीं लग पा रही है। बिलसंडा के साथ ही मझोला में भी तीन मामले सामने आ चुके हैं। मलेरिया प्रभावित गांवों में विभाग की ओर से दवा का छिड़काव कराने के साथ ही शिविर लगाए जा रहे हैं, जो नाकाफी हैं।
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500 लीटर दवा की भेजी गई डिमांड
मलेरिया प्रभावित गांवों और अन्य स्थानों पर छिड़काव के लिए पांच सौ लीटर दवा की डिमांड भेजी गई है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही दवा आ जाएगी। फिलहाल दिसबंर में मिली आपूर्ति से काम चलाया जा रहा है। अन्य दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। मलेरिया विभाग के पास जांच किट भी हैं। जिन्हें सभी सीएचसी पर भेज दिया गया है।
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बिलसंडा में तेजी से बढ़ रहे मलेरिया के मरीज
बिलसंडा। यहां मलेरिया का प्रकोप थमने का नाम ही नही ले रहा। बुधवार को गांव बिलहरा में दो और मरीज मिलने से यहां 117 मरीज हो गए हैं। जिन गांवों में मलेरिया के मरीज निकल रहे हैं, वहां दवा का छिड़काव और फाॅगिंग कराई जा रही है। साथ ही लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। लक्षण मिलने पर तत्काल दवाई लेने की सलाह दी जा रही है। संवाद
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मझोला में भी मिले तीन मामले
मझोला। न्यूरिया सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि सीएचसी पर रोजाना लगभग 20 से 25 लोगों की जांच की जा रही है। जांच में सभी मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। वहीं हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर मझोला पर रोजाना चार से पांच मरीजों की जांच होती है। अब तक तीन मरीज सामने आ चुके हैं। संवाद
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पूरनपुर, बीसलपुर, माधोटांडा में नहींं मिला कोई मरीज
पूरनपुर। सीएचसी में मलेरिया पीड़ितों को भर्ती करने के लिए छह बेड का वार्ड बनाया गया है। इसके अलावा डेंगू बुखार पीडि़तों के लिए अलग से डेंगू वार्ड है। सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अनिकेत गंगवार ने बताया कि जांच कराई जा रही है कोई भी मलेरिया पीड़ित नहीं मिला है।
कलीनगर। माधोटांडा सीएचसी में करीब तीस गांवों के लोग पहुंचते हैं। यहां भी मलेरिया पीड़ितों के लिए अलग से वार्ड बनाया गया है। प्रभारी चिकित्सक डॉ. राकेश के छुट्टी पर होने से उनकी जगह डाॅ. निर्मल तलपदार और दंत चिकित्सक डॉ. खुर्शीद मौजूद मिले। उन्होंने बताया कि बुधवार को 154 मरीज ओपीडी में पहुंचे। मलेरिया का एक भी मरीज नहीं मिला। वार्ड बना दिया गया है।
बीसलपुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. लेखराज गंगवार ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र की लैब में रोजाना 10 से अधिक मरीजों की मलेरिया की जांच होती है। अब तक सारे मरीज मलेरिया निगेटिव निकले हैं। वैसे मलेरिया पीडि़तों के लिए वार्ड बनवा दिया है। वार्ड में मानक के अनुरूप सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
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बिलसंडा क्षेत्र में पिछले वर्ष भी मरीज मिले थे। इस बार संख्या कम है। नियंत्रण को लेकर वहां की टीम लगी हुई है। अन्य स्थानों पर भी जांच कराई जा रही और दवा का छिड़काव हो रहा है।
- डॉ. आलोक कुमार, सीएमओ