मेडिकल कॉलेज में एक्सरे कक्ष के पास लगा फायर सिलेडर । संवाद
पीलीभीत। मेडिकल कॉलेज में जिम्मेदारों को फायर सिलेंडर को रिफिल कराने की भी चिंता नहीं है। मियाद पूरी हुए एक माह बाद भी मेडिकल कॉलेज में लगे सिलेंडरों को रिफिल नहीं कराया गया है।
सरकारी कार्यालयों और अस्पतालों में आग की घटनाओं को रोकने के लिए अग्निशमन यंत्रों को लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। ताकि किसी तरह से आग लगने पर फौरन उसको बुझाया जा सके। मेडिकल कॉलेज में भी कई सिलेंडर लगाए गए हैं। यहां पर लापरवाही इतनी है कि एक बार रिफिल कराने के बाद दोबारा उसपर कोई ध्यान नहीं दिया गया। अस्पताल में गैलरी से लेकर आपातकालीन कक्ष के पास तक लगे पांच सिलेंडरों को 29 मार्च 2023 को रिफिल कराया गया था। इसके बाद 28 मार्च 2024 को दोबारा से रिफिल होना था। इसपर किसी ने ध्यान नहीं दिया है। मियाद पूरी होने के बाद भी सिलेंडर ऐसे ही लगे हुए हैं। मेडिकल कॉलेज प्रशासन की यह लापरवाही मरीजों और वहां मौजूद स्टाफ पर भारी भी पड़ सकती है।
निरीक्षण के दौरान भी नहीं दिया जाता ध्यान
मेडिकल कॉलेज में समय- समय पर अधिकारियों का निरीक्षण भी होता रहता है। निरीक्षण के दौरान महज साफ-सफाई और निर्देश ही जारी किए जाते हैं। इसके अलावा वहां पर सुरक्षा के इंतजाम को नहीं देखा जाता। यदि बारीकी से इसका भी निरीक्षण किया जाता तो सिलेंडरों को रिफिल करा दिया गया होता।
इसकी जानकारी कर कार्रवाई की जाएगी। यह गंभीर मामला है। इसको लेकर प्राचार्य से पूछा जाएगा।- संजय कुमार सिंह, जिलाधिकारी
मामले की जानकारी नहीं है। इस तरह की लापरवाही है तो संबंधित को नोटिस जारी किया जाएगा।- डॉ. आलोक कुमार, सीएमओ
मेडिकल कॉलेज में एक्सरे कक्ष के पास लगा फायर सिलेडर । संवाद