पीलीभीत। कचहरी में अधिवक्ता और उनके मुंशी दोनों ही एक सी ड्रेस पहन रहे हैं। इससे वादकारियों को वकीलों और उनके मुंशी की पहचान में दिक्कत होती है।
अध्यक्ष बाबूराम शर्मा की मौजूदगी में हुई बैठक में कहा गया मुंशी भी वकीलों जैसी वेशभूषा में कचहरी आ जाते हैं। इससे वादकारी उन्हें वकील समझ लेते हैं। वकीलों और मुंशी में अंतर तय करना जरूरी है। इसीलिए निर्णय लिया गया कि वकीलों के मुंशी हल्की आसमानी रंग की शर्ट और गहरे नीले रंग की पैंट का प्रयोग करेंगे। यह भी कहा गया कि जो मुंशी अपने गले में पहचान पत्र डालेंगे, वह पहचान पत्र में लाल रंग का रिबन लगाएंगे ताकि उनकी दूर से पहचान हो सके। संयुक्त बार एसोसिएशन के सचिव कुलदीप अवस्थी और वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजीव अवस्थी ने बताया कि यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।