कलीनगर। गोमती उद्गम स्थल को पर्यटन के क्षेत्र में विकसित करने की कवायद लगातार जारी है। सौंदर्यीकरण के कार्य को बढ़ाने के लिए मुख्य झील के अलावा दो अन्य झीलों को भी रंगबिरंगी लाइटें लगाकर खूबसूरत बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अलावा सैलानियों की सुविधा के लिए दो पेंडल बोट की व्यवस्था भी की जा रही है। एसडीएम शिखा शुक्ला ने योजना बनाकर पत्राचार शुरू कर दिया हैं।
लखनऊ की शान गोमती नदी का उद्गम स्थल माधोटांडा गांव में स्थित हैं। चार साल पूर्व तत्कालीन डीएम अखिलेश मिश्रा के कार्यकाल से उद्गम स्थल को विकसित करने के प्रयास शुरू किए गए थे। इसके बाद जिले का कार्यभार संभलते ही डीएम पुलकित खरे ने भी इसमें विशेष रुचि दिखाई। उद्गम स्थल पर विकास से संबंधित कई विकास कार्य कराए गए। झीलों का जीर्णोद्धार करने के साथ पाथ-वे का निर्माण और कैंटीन का संचालन भी शुरू कराया गया। बनारस की तर्ज पर रोजाना आरती शुरू कराई गई।
इसके बाद जनपद के अलावा दूर दराज से भी सैलानियों की आमद बढ़ गई। उद्गम स्थल आने वाले सैलानियों की सुरक्षा के लिए पुलिस की भी नियमित ड्यूटी लगाई गई। पिछले दिनों अमृत सरोवर के तहत पहली झील पर सौंदर्यीकरण का कार्य शुरू किया गया है। तीनों ओर सीमेंट की ईंटों से पाथ-वे का कार्य जारी है। इसके बाद मुख्य झील के साथ दो अन्य झीलों को भी बेहतर करने के लिए लाइटिंग कराई जाएगी। दो पेंडल बोट की व्यवस्था भी जल्द कराई जाएगी।
उद्गम स्थल की सफाई के लिए दो कर्मी किए तैनात
उद्गम स्थल पर सफाई व्यवस्था को बेहतर करने के लिए एसडीएम के प्रयास के बाद दो सफाई कर्मियों को तैनात किया गया है। सफाई कर्मी उद्गम परिसर क्षेत्र के अलावा झीलों के क्षेत्र को भी व्यवस्थित करने के प्रयास में जुटे हैं।
कैंटीन बंद, बेहतर संचालन के लिए मंथन जारी
लंबे समय बाद दो माह पूर्व कैंटीन का संचालन शुरू कराया गया था लेकिन वह जल्द ही ठप हो गई। अब बेहतर संचालन के लिए एसडीएम ने कुछ व्यापारियों से संपर्क किया है। दावा है कि जल्द ही कैंटीन का बेहतर ढंग से संचालन शुरू कराया जाएगा।
‘उद्गम स्थल के विकास के लिए प्रयास जारी हैं। सौंदर्यीकरण को बढ़ावा देने के लिए मुख्य झील के साथ दो अन्य झीलों पर भी रंगबिरंगी लाइटें लगवाने की योजना है। सैलानियों की सुविधा के लिए दो पैंडल बोट की व्यवस्था भी कराई जा रही है। इस संबंध में बीडीओ को पत्राचार किए गए हैं।’
- शिखा शुक्ला, एसडीएम कलीनगर