सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे इस बार खाकी की जगह कांवेंट स्कूलों जैसी ड्रेस में दिखेंगे। शासन ने परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को एक जुलाई से 15 जुलाई के बीच निशुल्क ड्रेस वितरित करने के आदेश दिए हैं। हालांकि अभी तक शासन द्वारा इसके लिए बजट नहीं भेजा गया है। बेसिक शिक्षा विभाग में प्राइमरी व जूनियर के करीब 1800 विद्यालय है। इनमें करीब 1.90 लाख नौनिहाल शिक्षा ग्रहण कर रहे है। हर साल सर्व शिक्षा अभियान की ओर से मार्च में वित्तीय बजट बनाकर सर्व शिक्षा अभियान के राज्य निदेशालय लखनऊ को भेजा जाता है। निदेशालय द्वारा भारत सरकार को प्रस्तावित बजट की सूचना जाती है। इसी क्रम में सरकारी स्कूलों में कक्षा एक से आठ तक अध्ययनरत सभी बच्चों को दो सेट यूनिफार्म निशुल्क उपलब्ध कराई जाती है। इसको लेकर मुख्य सचिव राहुल भटनागर से आदेश जारी किए हैं। जारी आदेश में एक जुलाई से 15 जुलाई तक यूनिफार्म वितरित करने को कहा गया है। यूनिफार्म वितरण की 75 फीसदी धनराशि प्रथम किश्त के रूप में जल्द ही हस्तांतरित की जाएगी। बीएसए धनराशि प्राप्त होने के तीन दिन के अंदर विद्यालयवार धनराशि विद्यालय प्रबंध समिति के खाते में हस्तांतरित की जाए। इस बार छात्रों को खाकी के स्थान पर चेक शर्ट व ब्राउन कलर की पैंट व छात्रों को चेक कुर्ता व भूरे रंग की सलवार दी जाएगी। इधर 30 जून तक परिषदीय स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश है। ऐसे में बच्चों की नाप आदि कब होगी, 15 जुलाई तक यूनिफार्म का वितरण कैसे होगा? आदि को लेकर महकमे में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इस संबंध में बीएसए मसऊद अख्तर अंसारी ने बताया कि निशुल्क यूनिफार्म वितरण संबंधी शासनादेश प्राप्त हो चुका है। परिषदीय विद्यालयों में एक से 15 जुलाई यूनिफार्म वितरण किया जाएगा। इसकी तैयारियां शुरू कर दी गई है।