पीलीभीत। हिंदू महासभा ने शिकायत के आधार पर क्षेत्र के गांव बसंतापुर के गोआश्रय स्थल पर पहुंचकर प्रशासन के दावों की हकीकत परखी। यहां पर पदाधिकारियों को पशुओं के शव पानी में उतराते मिले। इसके अलावा पुरवा भूड़ा गोआश्रय स्थल में भी पशुओं के शव ऐसे ही पड़े मिले। पशुओं के लिए हरे चारे की कोई व्यवस्था नहीं मिली, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पशुओं के लिए हरे चारे की व्यवस्था के सख्त निर्देश दिए थे।
हिंदू महासभा के युवा जिला महामंत्री आयुष सक्सेना को सूचना मिली कि बसंतापुर गोआश्रय स्थल में पशुओं की स्थिति पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसको लेकर रविवार को महासभा के युवा जिलाध्यक्ष गौरव शर्मा, युवा जिला महामंत्री आयुष सक्सेना, अजय शर्मा, नगर अध्यक्ष सुनील कश्यप, हिमांशु कश्यप, दीपक वर्मा एवं अर्जुन सहित कई लोग मौके पर पहुंच गए।
मौके पर जाकर देखा तो वहां पशुओं की हालत काफी दयनीय थी। काफी संख्या में पशु बीमार और कमजोर अवस्था में थे। यही नहीं दो से तीन पशु मरे पड़े थे। उनका अंतिम संस्कार भी नहीं किया गया था। मौके पर रखवाली के लिए भी कोई नहीं था। साथ ही जहां गोवंशों को दफन किया गया था वहां पर बारिश का पानी भर जाने के कारण गोवंशों के शव पानी में उतरा रहे थे।
यहां के बाद पदाधिकारी पुरवा भूड़ा पहुंचे। वहां पर मृत गोवंशों को सही से नहीं दफनाया गया था। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि गोशाला की बाउंड्री न होने से बाघ आदि जानवरों के आने का खतरा बना रहता है। पशुओं को हरा चारा नहीं दिया गया था। देवीपुरा गोआश्रय स्थल में पशु कीचड़ में खड़े हुए थे। महामंत्री ने बताया गोआश्रय स्थलों की इस हालत को लेकर वह लोग मंगलवार को जिलाधिकारी से मुलाकात करेंगे। इसमें दोषियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर ज्ञापन दिया जाएगा।
लेखपाल को बीमार मिलीं पांच गायें
मझोला। उपजिला अधिकारी अमरिया अजीत प्रताप सिंह के निर्देश पर लेखपाल विनय कुमार गंगवार ने भरापचपेड़ा के बरेली गोआश्रय स्थल का निरीक्षण किया। यहां पर पांच गायें बुखार से पीड़ित थीं। मौके पर पशु चिकित्सक को बुलाकर उपचार कराया गया। पशु चिकित्सक ने बताया मानसून के बदलाव के कारण पशुओं में बुखार हो रहा है। पशुओं को भीगने से बचाएं। संवाद