सत्यवान अवस्थी
बीसलपुर। 16 वर्ष पहले यात्रियों की सुविधा के लिए कस्बे में बनाया गया रोडवेज बस अड्डा अभी तक संचालित नहीं हो सका है। इसके भवन निर्माण पर करीब 24 लाख रुपये खर्च किए गए, लेकिन यात्रियों को इसका लाभ नहीं मिला। बस पकड़ने के लिए यात्रियों को अब भी ईदगाह चौराहे पर जाना पड़ता है। बस अड्डे तक का संकरा रास्ता और रेलवे लाइन का अंडरपास इसके संचालन में बड़ी बाधा माने जा रहे हैं।
क्षेत्रवासियों की मांग पर उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की ओर से वर्ष 2008 में नगर के उत्तर में रोडवेज बस अड्डा बनवाया था। इसके लिए पालिका प्रशासन ने दो एकड़ जमीन मुफ्त में दी थी। अब इसके संचालित न होने के पीछे तर्क दिया जा रहा है कि यहां से बसें न चलने की वजह बस अड्डे का गलत जगह पर बन जाना है। दरअसल बस अड्डे तक पहुंचने वाले दोनों मार्ग काफी संकरे हैं। यहां से रोडवेज बसें आसानी से गुजर नहीं सकती हैं।
इन रास्तों से बसों के आवागमन से जाम की समस्या की बात कही जा रही। बस अड्डे तक पहुंचने वाले एक मार्ग पर रेलवे का अंडरपास भी बन गया है। दूसरा मार्ग रामलीला मैदान होकर गुजरता है। रामलीला मैदान में प्रत्येक वर्ष माह सितंबर में लगभग एक माह तक लगातार रामलीला मेले का मंचन होता है। उस समय इस मार्ग से सुबह से दोपहर तक छोटे वाहन तो गुजर जाते हैं, लेकिन बड़े वाहन नहीं गुजर पाते हैं। दोपहर बाद लीला मंचन के कारण मेला मैदान के प्रवेश द्वार और निकास द्वार बंद हो जाते हैं। संवाद
जल्दबाजी के फैसले ने फेरा यात्रियों की सुविधा पर पानी
बस अड्डा निर्माण के समय विभागीय अधिकारियों ने इन समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया। जल्दबाजी में बस अड्डा बनवा दिया। 31 दिसंबर, 2023 तक इस बस अड्डे पर रात के समय कुछ बसें खड़ी होती रहीं। एक जनवरी से स्टैंड पर बसों का खड़ा होना भी बंद हो गया। वर्ष 2008 से अब तक विभाग प्रत्येक वर्ष इस भवन की रंगाई-पुताई पर भी खर्च कर रहा है। भवन की देखभाल करने के लिए विभाग ने एक चौकीदार भी नियुक्त कर रखा है।
बीसलपुर से गुजरती हैं करीब 50 बसें
नगर से अलग-अलग स्थानों की करीब 50 बसों का आवागमन होता है। इसमें एक भी बस बस अड्डे तक नहीं जाती। यात्रियों को ईदगाह और बारह पत्थर चौराहे पर जाकर बसें पकड़नी पड़ती हैं। बताया जाता है कि विभागीय अभिलेखों में यह स्टैंड विधिवत रूप से चल रहा है और क्षेत्र के यात्री इस स्टैंड से पूरी तरह से लाभान्वित हो रहे हैं। विभाग ने बस स्टैंड परिसर में अभी तक बुकिंग विंडो भी चालू नहीं की है। जब बुकिंग विंडो ही चालू नहीं की गई तो यात्रियों को टिकट कैसे बंटेंगे। यह प्रश्न विभागीय दावे की हवा निकाल रहा है।
व्यावहारिक रूप से हो बस स्टैंड का संचालन
बस स्टैंड व्यावहारिक रूप से चालू न होने के कारण यात्रियों को ईदगाह चौराहे पर जाकर बसें पकड़नी पड़ती है। महिला यात्रियों को काफी दिक्कत होती है। -अनिल सक्सेना, मोहल्ला बख्तावरलाल, बीसलपुर।
डेढ़ दशक से हो रही यात्रियों को दिक्कत
बस स्टैंड के चालू न होने के कारण यात्रियों को पिछले डेढ़ दशक से काफी दिक्कत हो रही है। विभाग यात्रियों की दिक्कत महसूस नहीं कर रहा है। -देवेंद्र कुमार, मोहल्ला दुर्गाप्रसाद, बीसलपुर।
बीसलपुर बस अड्डे से बसों के संचालन में थोड़ी समस्या आ रही है। वहां पहले जो गार्ड तैनात था। वह नौकरी छोड़कर चला गया है। इस वजह से बस अड्डे पर बस खड़ी नहीं हो रही है। बस अड्डे पर बस ले जाने के बजाए बाहर से बस ले जाने वाले चालक परिचालकों को हिदायत दी जाएगी। निर्देशों की अनदेखी पर कार्रवाई की जाएगी। - एके वाजपेयी, एआरएम रुहेलखंड, बरेली।
बीसलपुर का रोडवेज बस स्टैंड । संवाद
बीसलपुर का रोडवेज बस स्टैंड । संवाद