दियोरिया के गांव उदराह में टीम के साथ बाघ की निगरानी करते अफसर। संवाद
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पीलीभीत। जंगल से बाहर निकलकर दियोरिया क्षेत्र के गांव उदरहा में कई दिनों से डेरा जमाए बाघ की बुधवार को भी चहलकदमी देखी गई। सूचना के बाद अफसर भी मौके पर पहुंचे। खदेड़ने के लिए गन्ने के खेत के निकट शोर-शराब कर पटाखे दागे गए, लेकिन बाघ नहीं निकल सका। ग्रामीणों का कहना है कि अफसर दूर खड़े होकर सिर्फ नजर रख रहे हैं। बाघ को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की मांग की गई।
दियोरिया रेंज के जंगल से सटे इलाके में उदरहा गांव स्थित है। पिछले दस दिनों से गांव की सीमा में बाघ की मौजूदगी बनी हुई है। बाघ गांव की सीमा में ही गन्ने के खेतों में डेरा जमाने के साथ मवेशियों का शिकार कर रहा है। लगातार मौजूदगी देख ग्रामीण दहशत में हैं। दहशत के चलते लोगों ने खेतों की ओर जाना बंद कर दिया।
बुधवार को भी क्षेत्र में बाघ की चहलकदमी देेखी गई। वनकर्मियों की सूचना के बाद दोपहर बाद सामाजिक वानिकी की डीएफओ संजीव कुमार डब्ल्यूटीआई की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। बाघ को खदेड़ने के लिए पटाखे दागे गए, लेकिन उससे कोई सफलता नहीं मिली। अफसर दूर खड़े होकर बाघ पर नजर रखते रहे। बाघ की मौजूदगी देखते हुए ग्रामीण भी खेतों की ओर जमा रहे।
गन्ने के खेत का किया घेराव
ग्रामीणों का कहना है कि बाघ लगातार डेरा जमाए हुए है। बुधवार सुबह करीब दस बजे गन्ने के खेत के आसपास बाघ की मौजूदगी देखी गई। इसके बाद गांव के काफी लोग एकत्र हो गए। गन्ने के खेत को चारों ओर से घेर लिया गया। जानकारी के बाद वन विभाग की टीम पहुंची और स्थिति पर नियंत्रण पाया।
बाघ ने गाय पर हमले का किया प्रयास
बीसलपुर। गांव उदराह के गन्ने के खेत में पांच दिन से मौजूद बाघ ने मंगलवार को देरशाम खेत के पास से गुजर रही एक गाय पर हमले का प्रयास किया। कुछ दूरी पर मौजूद ग्रामीणों के शोर मचाने पर बाघ गाय को छोड़कर खेत में चला गया। इसके बाद मामले की जानकारी विभाग को दी गई। इसके बाद निगरानी शुरू की गई।