प्रत्येक भवन के लिए किया गया है 22 लाख रुपयों का आवंटन
संवाद न्यूज एजेंसी
बीसलपुर। संबंधित निर्माण एजेंसी की हीलाहवाली के चलते इस तहसील क्षेत्र में अलग-अलग स्थानोें पर राजकीय पशु अस्पतालों के भवनों का निर्माण कार्य बेहद धीमी गति से हो रहा है।
बीसलपुर, बिलसंडा और बरखेड़ा के राजकीय पशु अस्पतालों के भवन काफी जर्जर हो गए हैं। क्षेत्रीय पशुपालकों की बेहद मांग पर पशुपालन विभाग ने बीते वित्तीय वर्ष में इन तीनों अस्पतालों के नए भवन स्वीकृत किए। विभाग ने इन तीनों भवनों को बनवाने के लिए 66 लाख रुपये का बजट भी आवंटित किया। प्रत्येक भवन के लिए 22 लाख रुपयों का बजट आवंटित किया गया।
बजट मिलते ही विभाग की ओर से अधिकृत लखनऊ की निर्माण एजेंसी ने तीनों भवनों का निर्माण कार्य शुरू करा दिया। बताया जाता है कि निर्माण एजेंसी बेहद धीमी गति से कार्य करा रही है। यही कारण है कि तीनों भवनों का निर्माण कार्य अभी बमुश्किल 50 फीसदी पूरा हुआ है।
अस्पतालों के मुख्य भवन बन गए हैं। उन पर लिंटर भी पड़ गया है। अब तक फर्श नहीं पड़ा है, इसके साथ ही दीवारों, छतों पर प्लास्टर भी नहीं हुआ है। इस दौरान जागरूक पशुपालकों ने भवनों के धीमी गति से हो रहे निर्माण कार्य को लेकर निर्माण एजेंसी के प्रति आपत्ति भी जताई, लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया।
सूत्रों का कहना है कि यदि इसी गति से निर्माण कार्य होता रहा, तो कार्य पूरा होने में कई माह लग जाएंगे। बता दें कि विभागीय निर्देश पर भवनों का निर्माण कार्य 31 मार्च तक हो जाना चाहिए था।
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पशु अस्पतालों के भवनों का निर्माण बेहद धीमी गति से हो रहा है। निर्माण मानक के अनुरूप भी नहीं हो रहा। विभागीय उच्चाधिकारियों को इस पर तत्काल ध्यान देना चाहिए।
- शेखर शुक्ला प्रधान प्रतिनिधि, कनगवां, बीसलपुर
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पशु अस्पतालों के भवनों का निर्माण कार्य अपेक्षित गति से कराया जाना चाहिए। इसमें अधिकारियों की लापरवाही उजागर हो रही है।
-मुकेश गुप्ता, प्रधान रढ़ैता, बीसलपुर
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बीसलपुर, बिलसंडा और बरखेड़ा के पशु अस्पतालों के भवनों का निर्माण पूरा होने में अभी समय लगेगा। निर्माण एजेंसी पर अतिशीघ्र और मानक के अनुरूप काम पूरा करने का लगातार दबाव बनाया जा रहा है।
-डॉ. योगेंद्र कुमार, डिप्टी सीवीओ, बीसलपुर
शेखर शुक्ला ।
शेखर शुक्ला ।