पीलीभीत। जिला पंचायत की बोर्ड बैठक में बुधवार को वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 43.79 करोड़ का बजट पारित किया गया। इसके सापेक्ष खर्च का 43.67 करोड़ का बजट पास किया गया। इस दौरान कई विभागों के अधिकारी जिला पंचायत सदस्यों के निशाने पर रहे। उन्होंने काम न करने और शिकायत का निस्तारण में हीलाहवाली का आरोप लगाकर हंगामा किया। गैरमौजूद अधिकारियों का निंदा प्रस्ताव भी पारित किया गया।
जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. दलजीत कौर की अध्यक्षता में बैठक हुई। सीनियर इंस्पेक्टर रमेश चंद्र ने सदस्यों की हाजिरी को देखा। अपर मुख्य अधिकारी (एएमओ) हरमीक सिंह ने पिछली बैठक का ब्योरा पढ़कर सुनाया। पूरनपुर क्षेत्र की सदस्य के प्रतिनिधि संजय खान ने कहा कि पिछली बैठक में आबादी क्षेत्र के ऊपर से गुजर रहे बिजली के तारों को हटाने की बात कही। समस्या का निस्तारण न होने पर अधिशासी अभियंता कार्यालय के बाहर धरने पर बैठने की चेतावनी दी।
अन्य सदस्यों ने भी अधिशासी अभियंता को अपने क्षेत्रों की समस्याओं पर घेर लिया। असलम जावेद अंसारी ने पिछली बैठक में गायब रहे बीएसए अमित सिंह पर कार्रवाई के बारे में पूछा। एएमओ ने जवाब मांगने की बात कही। सदस्य ने जानकारी न देने की बात कही। बीएसए ने बैठक के दिन कोर्ट में होने की सफाई देते हुए कहा कि बीईओ को भेजा गया था।
अजय प्रधान ने एक साल पहले गांव सिरसा सरदहा के स्कूल में गिरासू पेड़ को कटवाने के लिए दिए पत्र पर बीएसए को घेरा। कहा कि एक साल हो गया है, अभी तक कुछ नहीं हो सका। बीएसए ने सामाजिक वानिकी पर मामला टाल दिया।
डीएचओ पर लगाया सुविधा शुल्क का आरोप
रत्नेश कुमार ने उद्यान अधिकारी (डीएचओ) से आम के पेड़ों के परमिट और रिपोर्ट के बारे में पूछा। इसका डीएचओ जवाब तो नहीं दे सके और पूर्व जिलाधिकारी की ओर से की गई कार्रवाई की संस्तुति को लेकर अपनी पीड़ा बताने लगे। डीएचओ की टिप्पणी पर सदस्य और वह आमने-सामने आ गए। अन्य सदस्यों ने भी सुविधा शुल्क लेकर काम करने के आरोप लगाए। कुछ सदस्यों ने जिला पंचायत कार्यालय में निर्माण पटल के बाबू रोहिताश पर भी आरोप लगाए। जिला पूर्ति अधिकारी पर प्रतिनिधि मोहम्मद मियां खां दिव्यांग का कार्ड काटने और पूरनपुर के पूर्ति निरीक्षक पर कोटेदारों से मिलकर वसूली का आरोप लगाया।
जिला योजना की बैठक न होने पर जताया रोष
जिला पंचायत बोर्ड का गठन होने के बाद जिला योजना समिति का गठन किया था। सदस्यों ने अभी तक जिला योजना समिति की बैठक न होने पर नाराजगी जताते हुए प्रस्ताव लिखवाया। सदस्यों ने कहा कि जब बैठक नहीं हो पा रही तो समिति का कोई मतलब ही नहीं। जिला पंचायत अध्यक्ष ने बताया कि बैठक में करीब सात से आठ विभागों के अधिकारी गायब थे। इस पर सदस्यों ने आपत्ति भी जताई थी। गायब अफसरों से जवाब तलब किया जाएगा।