कलीनगर। गोमती उद्गम स्थल पर पुल निर्माण का कार्य लगभग पूरा हो गया है। पुल के दोनों और मार्ग बनना शेष है। जिसका कार्य भी जारी है। पुल निर्माण के बाद उद्गम स्थल की खूबसूरती बढ़ेगी और इस रास्ते से आवागमन करने वाले ग्रामीणों को सहूलियत मिलेगी। पुल और मार्ग बन जाने से 10 हजार से अधिक आबादी को लाभ मिलेगा।
आदि गंगा गोमती नदी का उद्गम स्थल माधोटांडा में है। पांच साल से उद्गम स्थल के जीर्णोद्धार की कवायद चल रही है। यहां कई विकास कार्य कराए जा रहे हैं। उद्गम स्थल की मुख्य झील वाले मार्ग का पुल जर्जर हो गया था। निर्माण को मंजूरी मिलने के बाद लोक निर्माण विभाग की ओर से काम शुरू करा दिया गया।
उद्गमस्थल पर पुल के निर्माण के लिए 1.50 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। 18 मीटर लंबे और सात मीटर चौड़े पुल का निर्माण पुलिया को तोड़कर कराया गया है। अब पुल बनकर तैयार हो गया। बस दोनों ओर का मार्ग बनना शेष रह गया है। पुल बनने से गोमती उद्गम स्थल की रौनक बढ़ गई है।
माना जा रहा है कि पुल बनने से गोमती की धारा का आसानी से प्रवाह हो सकेगा। मौजूदा समय में जो पुलिया बनी हुई है उसमें छोटी-छोटी नालियों के सहारे पानी निकल रहा था।
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पुल और रास्ता बन जाने से सुलभ होगा आवागमन
गोमती उद्गम स्थल पर पुल बन जाने से आवागमन में आसानी होगी। इसके अलावा उद्गम स्थल की सुंदरता भी बढ़ जाएगी। पानी का प्रवाह भी तेज होगा। इस रास्ते से आवागमन करने वाले ग्रामीणों को लाभ मिलेगा
- वरुण
गोमती उद्गम स्थल पर पुल बनकर तैयार हो गया है। इससे उद्गम स्थल आने वाले श्रद्धालुओं को आसानी होगी। साथ ही करीब तीन गांवों के लोगों का माधोटांडा से संपर्क भी बेहतर हो जाएगा। आवागमन की सुविधा अच्छी होगी।
- निर्भय सिंह
गोमती उद्गम स्थल पर पुल निर्माण का कार्य तेज है। लिंटर का काम पूरा हो गया है, अन्य कार्य भी जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
- राजेश चौधरी, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी
गोमती उद्धगम स्थल पर तैयार किया जा रहा पुल । संवाद
गोमती उद्धगम स्थल पर तैयार किया जा रहा पुल । संवाद