पीलीभीत। नए सत्र के पहले दिन कक्षा तीन से आठ तक के ही सभी विद्यार्थियों को पाठ्य पुस्तकें वितरित करने का दावा खोखला निकला तो कक्षा एक और दो के विद्यार्थियों को भी पाठ्य पुस्तकें नहीं मिल पाईं।
कक्षा तीन से आठ तक विद्यार्थियों के लिए पहले चरण में 12 लाख पुस्तकों के वितरण के बाद दूसरे चरण में शेष विद्यार्थियों के लिए 3.50 लाख पाठ्य पुस्तकों की खेप जिले में पहुंची है। कमेटी की ओर से सोमवार को इनका सत्यापन किया जाएगा।
बेसिक स्कूलाें में नए शिक्षा सत्र की शुरुआत के साथ ही बच्चों को नई किताबें देने के आदेश थे। इसी क्रम में मार्च में 12 लाख पुस्तकें जिले में आ गईं थीं। सत्यापन होने के बाद स्कूलों में इनका वितरण करा दिया गया। करीब 10 प्रतिशत छात्रों के लिए पुस्तकों की खेप और आनी शेष थी। इसकी डिमांड भेजी गई थी।
नया सत्र शुरू होने पर कुछ स्कूलों में पुस्तक न पहुंचने से बच्चे पुरानी किताबों से ही पढ़ रहे थे। दावा किया जा रहा है कि अब शेष विद्यार्थियों के लिए भी 3.50 लाख पुस्तकों की खेप भेज दी गई हैं।
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कक्षा एक और दो के लिए स्पष्ट नहीं हो सके निर्देश
इस बार कक्षा एक और दो में एनसीईआरटी की पुस्तकों से पढ़ाया जाना है। इसके चलते इन कक्षाओं की पुस्तकों को नहीं भेजा गया है। पुस्तकों को लेकर अभी मामला जहां का तहां लटका हुआ है। ऐसे में छात्रों को या तो मौखिक गिनती पहाड़ा सिखाया जा रहा है या फिर पुरानी पुस्तकों से पढ़ाई हो रही है।
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पुरानी किताबों से पढ़ाई कर रहे बच्चे
बिलसंडा। नगर के पीएम श्री प्राथमिक विद्यालय-एक में कुल 345 बच्चे पंजीकृत हैं। शुक्रवार को कक्षा दो के छात्र पुरानी किताबों से पढ़ाई करते मिले। स्कूल के प्रधानाध्यापक उमेश मिश्रा ने बताया कि कक्षा तीन, चार और पांच के छात्र-छात्राओं को पुस्तकों का वितरण किया जा चुका है। कक्षा एक और दो के छात्रों को किताबें नहीं मिली हैं। वहीं जादोपुरनथा के सरकारी स्कूल में भी कक्षा एक- दो की किताबें उपलब्ध नहीं थीं। संवाद
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कक्षा तीन से आठ तक शेष पुस्तकों की खेप भी उपलब्ध हो गई है। सत्यापन के बाद इनका वितरण कराया जाएगा।
- अमित कुमार सिंह, बीएसए