टाइगर रजिर्व की वनकटी बीट में वाचर ताराचंद की मौत के बाद देरशाम वनसंरक्षक पीलीभीत पहुंचे थे। रात को और सुबह दो बार उन्होंने घटना स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान हड्डियों के दो टुकड़े, ताराचंद्र की पैंट, बनियान के चिथड़े आदि मिले हैं। वनसंरक्षक ने इनका डीएनए परीक्षण कराने के निर्देश दिए हैं। सोमवार को जंगल की आग बुझाने गया वाचर जब वापस नहीं लौटा तो उसकी खोज की गई। इस पर दूसरे दिन मंगलवार को उसके कटे हुए दोनों पैर (घुटनों के नीचे) मिले थे। हालांकि प्रथम दृष्टया मामला बाघ के हमले का प्रतीत हो रहा है लेकिन शरीर का कोई अन्य अंग अथवा अवशेष न मिलने पर ताराचंद्र की हत्या की आशंका भी व्यक्त की जा रही है। घटना के बाद मंगलवार देरशाम और बुधवार सुबह वनसंरक्षक वीके सिंह घटना स्थल पर पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान घटना स्थल के निकट ही उन्हें हड्डियों के दो टुकड़े जो संभवता ताराचंद्र के शरीर के प्रतीत हो रहे हैं साथ ही पायजामा व बनियान के चिथड़े मिले हैं। इन सभी पर खून भी लगा है। वनसंरक्षक ने घटना स्थल पर मिले इन सभी चीजों का डीएनए टेस्ट कराने के निर्देश दिए जबकि घटना के बाद मिले पैरों का टेस्ट कराने के निर्देश पहले ही दिए जा चुके हैं।