मेडिकल कॉलेज स्थित ब्लड फ्ररेशन यूनिट । संवाद
पीलीभीत। मेडिकल कॉलेज बन जाने के साथ अस्पताल में ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट शुरू करने के लिए कक्ष भी बनवाया गया। जिसमें कई मशीनें भी लगाई गईं। बावजूद इसके एक साल बाद भी मेडिकल कॉलेज में उपचार के लिए पहुंचने वाले मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
एक अप्रैल को जिला अस्पताल का स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में विलय हो गया था। मेडिकल कॉलेज शुरू होने से पहले ही यहां ब्लड सेपरेशन यूनिट के लिए अस्पताल परिसर में ही एक कक्ष का निर्माण कराया गया। साथ ही कुछ मशीनें भी लगाई गईं, लेकिन कार्य पूरा न होने के कारण ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट का संचालन नहीं हो सका।
मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ संगीता अनेजा ने बताया कि कुछ काम शेष रहा गया है। जल्द ही काम पूरा होने के बाद लाइसेंस के लिए आवेदन कर दिया जाएगा। जल्द ही मरीजों को इसका लाभ मिल सकेगा।
-
डेंगू के मरीजों को मिलेगी राहत
पिछले दिनों जिले में डेंगू के रिकॉर्ड मरीज सामने आए थे। जिन मरीजों को प्लेटलेट्स चढ़ाने की जरूरत थी उन्हें बरेली रेफर किया गया था। अब उम्मीद की जा रही है कि ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट बन जाने के बाद डेंगू के मरीजों को अस्पताल में ही प्लेटलेट्स चढ़ाने की सुविधा मिल जाएगी।