मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने अपने मंत्री और विधायकों के साथ बैठक कर अधिकारियों और कर्मचारियों के ट्रांसफर - पोस्टिंग से दूर रहकर विकास की राजनीति करने को कहा था। मगर जिले में दरोगा और सिपाहियों के स्थानांतरण के बाद अपने चहेतों को मलाईदार स्थान पर पोस्टिंग करने का दबाव एसपी पर बनाया जाने लगा। बुधवार को एसपी देवरंजन वर्मा ने सिफारिश के दम पर नौकरी करने वाले पुलिसकर्मियों को सख्त हिदायत दी है कि सिफारिश पर नौकरी करने वाले पुलिसकर्मी न सिर्फ ब्लैक लिस्टेड होंगे, बल्कि आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त मान कर उनकी संपत्ति की जांच कराई जाएगी। एसपी का चेतावनी संदेश जारी होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।हाल ही में एसपी ने लंबे समय से एक जगह तैनात दरोगा और सिपाहियों के तबादले किए थे। इसके बाद से लगातार कुछ पुलिसकर्मी ट्रांसफर आदेश रुकवाने के लिए राजनैतिक पैरवी कराने में जुटे थे। मनचाही पोस्टिंग को लेकर भी दबाव बनवाया जा रहा था। इसको लेकर एसपी देवरंजन वर्मा ने बुधवार को सख्त रख अपनाया है। एसपी ने चेतावनी आदेश जारी कर ऐसे पुलिसकर्मियों को सुधरने का अंतिम मौका दिया है। उन्होंने कहा कि अगर कोई सिफारिश कराता है तो उसको अवैध और आपराधिक गतिविधियों में लिप्त माना जाएगा। इसकी जांच कराने के साथ ही संपत्ति की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। सिफारिश की दम पर नौकरी करने वाले पुलिसकर्मियों की सूची तैयार कर डीजीपी कार्यालय भेजी जाएगी। इसके बाद उनका गैर जनपद स्थानांतरण कराया जाएगा। यह भी कहा कि अभी तक जनपद स्तर पर किए गए स्थानांतरण की सूचना पुलिसकर्मी की सर्विस बुक में दर्ज नहीं होती थी। लेकिन अब इसको अंकित कराया जाएगा। इससे पुलिसकर्मी एक जगह पर बार-बार तैनात नहीं हो सकेंगे।