पीलीभीत। बीसलपुर मार्ग के चौड़ीकरण का कार्य अब भी अधूरा है। यहां काम समाप्त करने की समय सीमा जुलाई निर्धारित की गई थी, बावजूद इसके काम पूरा नहीं हो सका है। ऐसे में यहां अधूरी पुलिया हादसे को दावत दे रही है तो डिवाइडर के पास संकेतक न होने से हमेशा खतरा बना रहता है।
करीब एक साल से 60 किमी लंबे पीलीभीत-बीसलपुर के बीच हाईवे का निर्माण और चौड़ीकरण का काम चल रहा है। शुरुआती दौर में तो काम काफी तेज गति से किया गया। इसके बाद रफ्तार सुस्त हो गई। कई दिनों तक काम बंद भी रहा। इसके चलते खोदी गई सड़क और नाला खोदाई होने से लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी।
इस समय स्थिति यह है कि बरखेड़ा के पास अधूरी पुलिया खतरा बनी हुई है। इसको लेकर शिकायत भी हुई। इसके बाद भी जिम्मेदार कोई ध्यान नहीं दे रहे है।
अधूरा निर्माण और पशुओं की मौजूदगी सबसे बड़ा खतरा
बीसलपुर-पीलीभीत के बीच अधूरे निर्माण के कारण हमेशा खतरा बना रहता है। लोग किनारे से गुजरते हैं तो रात में वहां पर बैठे पशुओं के कारण खतरा और बढ़ जाता है। कई बार दो पहिया वाहन चालक पशुओं से टकरा कर घायल भी हो चुके हैं।
पिछले चार माह से गांधी आश्रम के सामने सड़क खोद कर डाल दी गई है। बाढ़ में सड़क उखड़ने के कारण आए दिन हादसा होता रहता है। जिम्मेदारों से कई बार शिकायत की गई, कोई समाधान नहीं हुआ।
-सदानंद तिवारी
बाढ़ आने के बाद समस्या और गंभीर हो गई है। शिकायत निर्माण इकाई से की गई, परंतु कोई सुनवाई नहीं हुई है।
-कमलेश शर्मा
पूरे मार्ग पर गड्ढे पाटकर सड़क को दुरुस्त करने का काम लगातार चल रहा हैं, इन गड्ढों को एक-दो दिन में भरवा दिया जाएगा।
- संतोष कुमार गिरि, प्रोजेक्ट मैनेजर एटलस
बरखेड़ा में सड़क पर पड़े गड्डे।संवाद
बरखेड़ा में सड़क पर पड़े गड्डे।संवाद