बीसलपुर। अपने मृदु व्यवहार और सादगी से भानुप्रताप सिंह ने मतदाताओं का ऐसा मन मोहा कि सन 1984 के लोकसभा चुनाव में पीलीभीत सीट से रिकॉर्ड 1.76 लाख मतों से जीत हासिल की थी। यह अब तक की सबसे बड़ी जीत थी। भानुप्रताप के समर्थन में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने भी शहर के गांधी स्टेडियम में जनसभा की थी।
वर्ष 1977 के चुनाव में 1.72 लाख मतों से चुनाव जीतने वाले मोहम्मद शमशुल हसन खां को वर्ष 1984 के चुनाव में इंडियन नेशनल कांग्रेस के उम्मीदवार भानुप्रताप सिंह ने 1.76 लाख वोटों से हराया था। उनकी जीत काफी चर्चा में रही थी।
तहसील के गांव नौगवां संतोष निवासी सुरेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मुन्ना बाबू ने बताया कि भानुप्रताप सिंह बरेली के गांव अगरास के रहने वाले थे। वह, उनके सगे फूफा थे। उनके घर पर ही रहकर चुनाव लड़ा था। भानुप्रताप सिंह ने गांव नौगवां संतोष में अपना जिला चुनाव कार्यालय बनाया था।
उन्होंने अपने मृदु व्यवहार के बलबूते चुनाव जीता था। वह एक जीप से भ्रमण करते थे। गांव और नगर क्षेत्र में मतदाताओं से आत्मीयता से मिलते और वोट मांगते थे। चुनाव के दौरान पूरनुपर, बीसलपुर, पुवायां और पीलीभीत में भी चुनाव कार्यालय खोला था। बता दें कि पहले शाहजहांपुर का पुवायां क्षेत्र भी पीलीभीत लोकसभा में लगता था। अब पुवायां के स्थान पर बरेली का बहेड़ी क्षेत्र जुड़ गया है।
भानु प्रताप ने चुनाव से पहले जो वादे किए थे। जीतने के बाद लगभाग सारे वायदे एक-एक कर पूरे किए। मुन्ना बाबू ने बताया कि भानु प्रताप के चुनाव प्रचार में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने भी पीलीभीत के गांधी स्टेडियम में चुनावी सभा की थी।