न्यूरिया बंगाली कालोनी में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पाचवें दिन श्रद्धालुओं के बीच उन्होंने कहा कि जब धर्म का पतन करने का प्रयास किया जाता है, तब दुष्टों का पतन करने के लिए भगवान अवतार लेते हैं। उन्होंने कहा कि मां यशोदा की गोद में पले-बढ़े कृष्ण ने बाल्यावस्था में ही अपने परम ब्रह्म होने की अनुभूति से यशोदा व बृजवासियोें को परिचित करा दिया था। उन्होंने पूतना, बकासुर, अघासुर, धेनुक और मयपुत्र व्योमासुर का वध कर बृज को भय मुक्त किया और इंद्र के अभिमान को तोड़ गोवर्धन पर्वत को स्थापित किया। उन्होंने गौ रक्षा व उसके संवर्धन के लिए लोगों को प्रेरित किया। श्रीकृष्ण जन्मलीला की झांकी का मंचन किया गया। इस मौके पर निर्मल मंडल, शिवपद विश्वास, रामपद, विश्वनाथ, रंजीत, भगीरथ साना, सतीश साना, सुभाष, चितरंजन, परिमल, सुभाष राय, निमाई मंडल, मनोहर साना, राजेश कुमार आदि मौजूद रहे।