पूरनपुर तहसील में धरना देते भाकियू कार्यकर्ता । संवाद
पूरनपुर। भाकियू (टिकैत) कार्यकर्ताओं ने गांव अमरैयाकलां के धार्मिक स्थल से साधुओं को भगाने और कब्जे की कोशिश के विरोध में शनिवार को तहसीलदार कार्यालय के बाहर बेमियादी धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान 27 जुलाई को कमिश्नर से मिलने का निर्णय लिया गया।
भाकियू कार्यकर्ताओं ने गांव अमरैयाकलां में धार्मिक स्थल से साधुओं को भगाने, कब्जे की कोशिश के विरोध में 18 जुलाई को तहसील कार्यालय में प्रदर्शन कर एसडीएम को संबोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार ऋषि कुमार दीक्षित को सौंपा था। ज्ञापन में समस्या का शीघ्र समाधान न होने पर 22 जुलाई से धरना प्रदर्शन शुरू करने की चेतावनी दी थी।
शनिवार को भाकियू कार्यकर्ताओं ने तहसीलदार कार्यालय के बाहर धरना देकर प्रदर्शन किया। धरना स्थल पर हुई सभा में धार्मिक स्थल पर कब्जा की कोशिश करने वालों पर कार्रवाई न होने पर रोष व्यक्त किया गया। एसडीएम से वार्ता के बाद ही धरना प्रदर्शन समाप्त करने का निर्णय लिया गया। शाम छह बजे तक प्रदर्शनकारी एसडीएम का इंतजार करते रहे, लेकिन उनके जिला मुख्यालय पर होने की वजह से वार्ता नहीं हो सकी।
शाम सात बजे तक तहसीलदार के भी धरना स्थल पर न पहुंचने पर प्रदर्शनकारियों ने बेमियादी धरना-प्रदर्शन का एलान कर दिया। भाकियू नेता दामोदर प्रसाद यादव ने बताया कि शाम तक अफसरोंं को वार्ता का समय दिया गया। मगर कोई अधिकारी वार्ता को नहीं पहुंचा। अब बेमियादी धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया गया है। समस्या का समाधान न होने तक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। 27 को एक प्रतिनिधि मंडल कमिश्नर से मिलेगा। इसको लेकर उनसे मोबाइल पर वार्ता हो गई है।