बाल विवाह रोकने को जिला प्रोबेशन अन्य विभाग के साथ मिलकर जागरूकता अभियान चलाएगा। यह निर्णय बाल विवाह उन्मूलन पर हुई संगोष्ठी में लिया गया। इस दौरान बाल विवाह करने पर होने वाली कानूनी कार्रवाई की जानकारी भी दी गई। विकास भवन स्थित जिला प्रोबेशन कार्यालय में शुक्रवार को जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय निगम की अध्यक्षता में गोष्ठी का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि आज के युग में बाल विवाह समाज में बदनुमा धब्बा होने के साथ कानूनन अपराध भी है। इसे रोकने की जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन के साथ समाज की भी है। उन्होंने बताया आज भी कुछ जातियों में बाल विवाह हो रहे हैं विशेष कर अक्षया तृतीय पर ऐसे विवाह कराए जाते हैं। जिला कार्यक्रम अधिकारी राजकपूर ने कहा कि गांव में प्रधान की अध्यक्षता में ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा एवं पोषण समिति होती है जिसमें आंगनबाड़ी सचिव होती है। बाल विवाह की कुरीति पर रोकने को रोडमैप तैयार कर जागरूकता फैलानी चाहिए। उन्होंने इसके लिए ऐसे परिवारों को चिन्हित कर उन्हें शिक्षित करने पर भी जोर दिया। जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी महेश प्रसाद ने बताया कि व्यस्क होने पर शादी करने पर सरकार की ओर से आर्थिक रूप से पिछड़े परिवारों को 20 हजार रूपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। गोष्ठी का संचालन मीनाक्षी पाठक ने किया। इसमें अरविंद कुमार, जीनत जहां बेगम, डॉ. दीनबंधु शुक्ला, कंचन सक्सेना, आरके पांडेय, निर्वान सिंह, कर्मा राव, प्रियंका पांडेय, सुमन राना, मनोज कुमार, धर्मेन्द्र सिंह, स्वामी दयाल सहित कई लोग थे।