पीलीभीत। कहा जाता है कि दूध का जला छाछ भी फूंक कर पीता है। चार माह पहले ऑनलाइन ठगी के शिकार हुए शिक्षक को ठगों ने फिर झांसे में लेने की कोशिश की, लेकिन शिक्षक ने ठग को उसी की भाषा में जवाब देकर कहावत को सच कर दिया। इससे ठग ने घबराकर व्हाट्सएप कॉल को तुरंत ही काट दिया।
करीब चार माह पहले बेसिक शिक्षा के अध्यापक रविंद्र शर्मा से ठगों ने 45 हजार की रकम ऑनलाइन जालसाजी कर ठग ली थी। इस पर शिक्षक ने साइबर क्राइम विभाग को मामले की तहरीर दी थी, लेकिन उन्हें अब तक रकम नहीं मिल सकी। अब दोबारा शिक्षक को ठगने की कोशिश की गई।
जब शिक्षक अपनी कक्षा में विद्यार्थियों को पढ़ा रहे थे। तभी इंस्पेक्टर विनोद शर्मा के नाम से लगी डीपी से व्हाट्सएप कॉल आई। शिक्षक ने बताया कि ठग ने कहा कि चार लड़के पकड़े गए हैं, उनमें आपका भी बेटा है। हालांकि पंद्रह मिनट पहले ही बेटे से बात हुई थी। इसलिए जालसाज अपने मकसद में कामयाब नहीं हो पाया। पहले तो वह घबरा गए थे, लेकिन बाद में उन्हें ठग की कॉल लगी। कथित इंस्पेक्टर को उसी की भाषा में जवाब दिया तो तुरंत ही उसने कॉल को काट दिया।