पीलीभीत। जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रविवार को हुए जन आरोग्य मेले में कहीं चिकित्सक नहीं आए तो कहीं मरीजों की संख्या काफी कम रही।
बता दें कि शासन ने जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रत्येक रविवार को मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला लगाने का आदेश दिया है। मेले में एलोपैथ, होम्योपैथिक और आयुर्वेदिक चिकित्सकों के साथ फार्मासिस्ट को मरीजों का इलाज करने के लिए कहा गया है। सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक मेला लगता है। इसके बावजूद जिम्मेदारों की लापरवाही से यह मेला उतना प्रभाव नहीं छोड़ पा रहा है।
रविवार को शहर के नगरीय स्वास्थ्य केंद्र में जन आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कुल 34 मरीजों ने स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ लिया। अधिकतर मरीज पेट और त्वचा संबंधी परेशानियों के आए। डॉ. जयदीप वर्मा ने मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया और फार्मासिस्ट अमरेश कुमार ने दवाइयां बांटीं।
जोगीठेर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर सुबह 12 बजे तक कोई चिकित्सक एवं फार्मासिस्ट नहीं आया। मौके पर वार्ड बॉय मदनलाल तथा दो स्टाफ नर्से रश्मि दयाल और पूनम मौजूद मिलीं। वार्ड बॉय ने बताया कि यहां कोई फार्मासिस्ट व सफाई कर्मचारी नहीं है। दवाई वितरण के बारे में पूछने पर बताया कि दवाई वह खुद वितरित करता है।
बीसलपुर : एक्स-रे न होने से मायूस लौटे मरीज
बीसलपुर। नगरीय, खांडेपुर, शिवपुरी नवदिया और चुर्रासकतपुर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर जन आरोग्य मेले का आयोजन हुआ। इनमें लगभग 200 मरीजों की जांच हुई और उन्हें दवाई दी गई। मेले में मरीजों के एक्सरे नहीं हुए, जिससे उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित आयुष्मान भव मेले में डॉ. चंदन सिन्हा नेे 93 मरीजों की जांच की। वरिष्ठ फार्मासिस्ट शशि भूषण ने दवाई दी। संवाद
पूरनपुर : मेले में नाममात्र को पहुंचे मरीज
पूरनपुर। जन आरोग्य मेले में नाममात्र को मरीज पहुंचे। भीड़-भाड़ न होने की वजह से ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी भी अपने कक्षों में न बैठकर परिसर में घूमते रहे। इस दौरान गांव जादौपुर पीएचसी में तैनात चिकित्सक डॉ. दुष्यंत मौर्य, फार्मासिस्ट जितेंद्र कुमार, एलटी जगदीश मल्ल, एक्सरे टेक्नीशियन चंद्र किशोर और आयुष फार्मासिस्ट की ड्यूटी थी। सभी पूरे समय मौजूद रहे। 41 मरीजों का इलाज किया गया। संवाद
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बरखेड़ा में नहीं आईं चिकित्सक
बरखेड़ा के जोगीठेर पीएचसी में डॉक्टर और फार्मासिस्ट नदारद रहे। यहां पर वार्ड बॉय ने मेले में आए मरीजों को दवाइयां दीं। अधिकतर मरीज चिकित्सक न होने की वजह से मायूस होकर लौट गए। पूर्व में भी चिकित्सक मेले के दिन नदारद रह चुकी हैं।
बीसलपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीज देखते डॉ,चंदन सिन्हा । संवाद