मेडिकल कॉलेज में मरीजो को देखते चिकित्सक । संवाद
पीलीभीत। सर्दियों में अस्थमा के मरीज भी बढ़ रहे हैं। इसको लेकर डाक्टर विशेष सतर्कता बरतने की बात कह रहे हैं। मौजूदा समय में ऐसे बुजुर्गों को सुबह शाम टहलने से बचने की जरूरत है। अन्यथा गंभीर बीमारी की चपेट में आ सकते है। जिला अस्पताल समेत निजी अस्पतालों में जमकर भीड़ हो रही है।
पिछले 17 दिनों से मौसम काफी खराब है। धूप न निकलने से पूरा दिन गलन रहती है। कभी ऐसे में धूप निकलने पर सुबह और शाम भयंकर ठंड हो जाती है। ऐसे में बुजुर्गों की दिक्कतें बढ़ जाती है। सरकारी अस्पताल हो या फिर निजी अस्पताल अधिकांश जगहों पर 50 वर्ष से ऊपर के मरीज पहुंच रहे हैं, जिनको सांस, अस्थमा, पैरालायसिस और जोड़ों की दिक्कतें सबसे ज्यादा हो रही हैं।
ऐसे मरीजों को डॉक्टर दवा के साथ ही एहतियात बरतने की सलाह अवश्य दे रहे है। उनका कहना है कि ऐसे लोग सुबह शाम को टहलने को न निकलें। क्योंकि एक उम्र के साथ ऐसे लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है और वह जल्दी ही बीमारी की चपेट में आ जाते है। कभी कभार ऐसी स्थिति में उनमें हार्ट की समस्याओं का खतरा और अधिक बढ़ जाता है। लोग ठंड में पानी पीना कम कर देते है। ऐसे में खून गाढ़ा हो जाता है। इससे हार्ट की समस्या का खतरा बढ़ जाता है। मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ रमाकांत सागर का कहना है कि बुजुर्गों को इस समय एहतियात बरतने की ज्यादा जरूरत है। इसलिए सर्दी में विशेष ख्याल रखें।