पीलीभीत। स्वास्थ्य विभाग की बुनियादी सुविधाओं को जिम्मेदारी संभालने वाली आशा कार्यकर्ता मानदेय पाने के लिए परेशान हैं। पूरनपुर ब्लॉक में तैनात 427 आशा कार्यकर्ताओं को चार माह से मानदेय नहीं दिया गया है। इस पर उन्होंने 16 अगस्त से कार्य बहिष्कार शुरू किया गया। शनिवार को सभी कार्यकर्ता सीएमओ कार्यालय पर धरने देने बैठ गईं। विभागीय अफसरों ने वार्ता में आश्वासन दिया है कि सप्ताह भर में मानदेय दिला देंगे।
आशा कार्यकर्ता वेलफेयर एसोसिएशन की पूरनपुर ब्लॉक अध्यक्ष इदरीसन के नेतृत्व में पूरनपुर क्षेत्र की करीब दो सौ कार्यकर्ता सीएमओ कार्यालय पहुंचीं। सीएमओ के कार्यालय पर न होने के चलते सभी धरने के रूप में कार्यालय के अंदर बैठ गई। अध्यक्ष, कोषाध्यक्ष और महामंत्री वार्तालाप के लिए विभागीय अफसरों के कक्ष में पहुंची गईं। करीब 20 मिनट तक वार्तालाप हुई। अफसरों के पत्राचार की प्रक्रिया पूरी होने के साथ सप्ताह भर में मानदेय जारी होने का आश्वासन दिया।
सीएमओ के आने के बाद ज्ञापन भी सौंपा गया। ब्लॉक अध्यक्ष इदरीसन ने बताया कि आशा कार्यकर्ती पर अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। गर्भवती महिलाओं की देखरेख के लिए घर-घर चक्कर लगाने पड़ते हैं। संस्थागत प्रसव के बाद मिलने वाली छह सौ रुपये की धन राशि को भी बंद कर दिया गया। शिशु के जन्म के बाद टीकाकरण की जिम्मेदारी भी नियमानुसार पूरी की जाती है। इसके लिए नाम मात्र रुपये ही मिल पाते हैं। कम आमदनी में जीवन यापन करने में परेशानी होती है, ऐसी स्थिति में वेतन रोकने से आर्थिक संकट पैदा हो रहा है।
योजनाओं पर करा रहे अमल, लेकिन नहीं मिल रहा रुपया
स्वास्थ्य योजनाओं के प्रति जागरूकता के साथ अमल करने की जिम्मेदारी निभाने के बाद भी आशा कार्यकर्ती मायूस हैं। उनका कहना है कि फायलेरिया, टीवी, कुष्ठ रोगी, जेएसवाई से संबंधित कार्य करने के बाद भी प्रोत्साहन राशि नहीं दी जा रही है।
गर्भवती महिलाओं की देखभाल बच्चों के टीकाकरण पर प्रोत्साहन राशि मिलती है पर नहीं मिली। चार महीने का मानदेय न मिलने से आर्थिक तंगी बढ़ रही है। पूरनपुर ब्लॉक की आशा मानदेय मिलने तक बहिष्कार पर रहेंगी। -इदरीसन, ब्लॉक अध्यक्ष
कार्य में आशा कार्यकर्ताओं की ओर से लापरवाही नहीं बरती जाती। समय से कार्य को पूरा किया जाता है। ऐसी स्थिति में मानदेय जारी न करना गलत है। विभागीय अफसरों को अवगत कराया गया है। -अनूपा दुबे, महामंत्री
ऑनलाइन प्रक्रिया होने के चलते मानदेय जारी होने में समय लग रहा है। नई प्रक्रिया का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। सप्ताह भर में मानदेय जारी कर दिया जाएगा। -नाजिर खां, डीपीएम