आफीर्सर कॉलोनी में डीपीआरओ आवास परिसर में भरा बाढ़ का पानी एवं आवास से निकाला जा रहा समान।संवाद
पीलीभीत। बाढ़ के पानी से घिरे लोगों को सहायता पहुंचाने वाले अफसर खुद इस बार बाढ़ पीड़ित बन गए। ऑफिसर कॉलोनी में अचानक पानी भरने से अफसर भी इसमें घिर गए और खुद को बचाने के लिए आवासों पर सामान छोड़कर होटलों में चले गए थे। पानी कम होने पर बृहस्पतिवार को सभी अपने-अपने आवास पर पहुंचे।दोपहर के समय यहां लोग सामान को बाहर निकलवाकर धूप में सुखाते दिखे।
आठ जुलाई की रात करीब 11 बजे से नदियों का पानी शहर में प्रवेश करने लगा। देखते ही देखते पूरे शहर में बाढ़ का पानी भर गया था। वहीं, रात करीब दो बजे से कलक्ट्रेट, विकास भवन के साथ ही आफिसर कॉलोनी में भी पानी तेजी के साथ बढ़ने लगा। पानी बढ़ता देखकर कॉलोनी में मौजूद सभी अफसर परिवार के साथ सामान आवासों में छोड़कर होटलों में पहुंच गए थे।
तीन दिनों तक कॉलोनी और विकास भवन में पानी भरा रहा। बृहस्पतिवार को चौथे दिन जब पानी कम हुआ तो अफसर आवासों पर पहुंचे। हालांकि, अभी कुछ अफसरों के आवासों पर करीब दो फिट तक पानी भरा हुआ है।
नगर पालिका ने कराया दवा का छिड़काव
पानी कम होने के बाद संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए नगर पालिका की ओर से कॉलोनी में दवा का छिड़काव कराया गया है। इसके साथ ही सफाई भी कराई जा रही है।
वर्जन
चौथे दिन कॉलोनी से पानी कम हुआ है। आवासों की स्थिति अभी रहने योग्य नहीं है। पानी भर जाने से घरेलू सामान खराब हो गया है। - विजय वर्धन तोमर, सिटी मजिस्ट्रेट
आफीर्सर कॉलोनी में डीपीआरओ आवास परिसर में भरा बाढ़ का पानी एवं आवास से निकाला जा रहा समान।संवाद