पीलीभीत। सहायक संभागीय परिवहन (एआरटीओ) कार्यालय के भवन को लेकर शासन ने 11 करोड़ रुपये के बजट की मंजूरी दे दी है। कार्यदायी संस्था को दो करोड़ की पहली किश्त भी पांच अगस्त को भेज दी गई है। इससे कार्यदायी संस्था ने निर्माण शुरू करा दिया है। अब कार्यालय शहर से करीब दस किलोमीटर दूर बिठौराकला में होगा।
जिला मुख्यालय पर परिवहन विभाग का कार्यालय वल्लभगनर कॉलोनी में एक किराये के मकान में चल रहा है। जगह कम होने के कारण काफी दिक्कत होती है। टेस्ट ड्राइव पट्टी भी नहीं है। फिटनेस को आने वाले वाहनों को रामलीला मैदान में खड़ा कराया जाता है। वहीं, कर्मचारियों को भी काम करने में काफी दिक्कत होती है। इस समस्या को देखते हुए 2018 में तत्कालीन एआरटीओ राजेश कर्दम ने भवन के लिए जमीन की तलाश कर शासन को प्रस्ताव भेजा था।
इसके बाद तत्कालीन एआरटीओ अमिताभ राय ने बजट को लेकर प्रस्ताव भेजा। इंजीनियरों की टीम ने सर्वे करने के बाद जमीन को पास कर दिया था। इसके बाद बजट की स्वीकृत को लेकर पत्राचार किया गया। अब शासन ने परिवहन विभाग को खुद की छत देने के लिए 1094.22 लाख के बजट की मंजूरी दे दी है। निर्माण को लेकर आवास विकास परिषद संस्था को जिम्मेदारी दी गई है। शासन ने निर्माण को लेकर दो करोड़ की पहली किश्त भी भेज दी है। इससे काम शुरू हो सके। दो साल में निर्माण को लेकर तैयारी की जा रही है। हालांकि कार्यालय अब शहर से दस किलोमीटर की दूरी पर हो जाएगा।
अब असम हाईवे किनारे होगा एआरटीओ ऑफिस
शहर के करीब दस किलोमीटर दूर असम हाईवे पर बिठौराकलां कस्बे से पहले निर्माण शुरू हुआ है। इससे बरेली, बीसलपुर, अमरिया और मझोला की ओर से आने वाले वाहन स्वामियों को काफी दिक्कत होगी। हाईवे किनारे होने के कारण लर्निंग लाइसेंस धारकों को भी दिक्कत साबित होगी।
आवास विकास परिषद को निर्माण कार्य की जिम्मेदारी मिली है। शासन ने निर्माण को लेकर दो करोड़ की पहली किश्त भी जारी कर दी है। निर्माण कब तक पूरा होगा। इसको लेकर अभी जानकारी नहीं है। - वीरेंद्र सिंह, एआरटीओ