जिला पंचायत की तरह ब्लाक प्रमुख के चुनाव में भी सत्ता का दबदबा साफ दिखा। प्रत्याशियों ने वोटरों द्वारा ऐन वक्त पर गड़बड़ी न करने देने की आशंका को देखते हुए उन्हें सहायक दिलाने को बड़ी संख्या में आवेदन कराया था। जिला मुख्यालय पर एडीएम कार्यालय में किए गए आवेदन में अधिकांश वोटरों ने निरक्षर होने की बात कही वहीं कुछ ने नजर कमजोर होने तो कुछ ने बीमार होने का उल्लेख आवेदन पत्र में किया। आंकड़ों पर नजर डाले तो मतदान वाले तीनों ब्लाकों से कुल 447 बीडीसी सदस्यों में से 11 प्रत्याशी थे। इसके बाद बचे 436 वोटरों में से 243 ने सहायक प्राप्त करने को आवेदन किया था। इनमें प्रशासन ने जांच के बाद मात्र 71 को ही सहायक उपलब्ध कराए। रविवार को तीनों ब्लाकों में वोटरों ने इन सहायकों के माध्यम से ही मतदान किया। उधर बीसलपुर से दूसरे नंबर पर रही रंजना गंगवार के पति पूर्व ब्लाक प्रमुख नीरज गंगवार का आरोप है कि प्रशासन पूरी तरह सत्ता की कठपुतली बनकर काम कर रहा है। उन्होंने भी अपने प्रत्याशी के समर्थकों के लिए सहायक मांगे थे लेकिन एडीएम ने उन्हें सहायक देने से साफ इंकार कर दिया। इस बावत एडीएम अजयकांत सैनी ने बताया कि करीब 250 आवेदन मिले थे। इनमें केवल निरक्षर वोटरों को ही राज्य निर्वाचन आयोग की गाइड लाइन के अनुसार सहायक उपलब्ध कराए गए थे।