स्वाशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में प्रेसवार्ता के दौरान जानकारी देते युग दधीचि देहदान समि
पीलीभीत। मेडिकल कॉलेज में कोई भी देहदान कर सकता है। इच्छुक लोग देहदान संकल्प पत्र भर सकते हैं। इसको लेकर मंगलवार को युग दधिचि देहदान समिति के पदाधिकारी व प्राचार्य ने जानकारी दी।
मेडिकल कॉलेज में प्रेसवार्ता के दौरान प्राचार्य डॉ. संगीता अनेजा ने बताया कि कानपुर से अभियान के प्रमुख मनोज सेंगर व माधवी सेंगर ने वर्ष 2003 में परिवार के सात सदस्यों से अभियान की शुरुआत की थी। वर्तमान में राज्य के कई राजकीय मेडिकल कॉलेजो में अब तक 287 लोग देहदान कर चुके हैं। इसके अलावा हजारों ने देहदान का संकल्प पत्र भरा है। एनाटॉमी विभाग की हेड डॉ. अर्चना सिंह ने बताया कि मानव देह की आंतरिक संरचना समझने के लिए प्रथम वर्ष के चिकित्सा छात्रों को मृत देह की आवश्यकता होती है।
आदर्श स्थिति में प्रत्येक 10 छात्रों पर एक देह की आवश्यकता होती है, लेकिन इसकी कमी देखने को मिलती है। अभियान के प्रमुख मनोज सेंगर और माधवी सेंगर ने बताया कि देहदान करने के लिए एक संकल्प पत्र भरा जाता है। इसके लिए एक हलफनामा और आधार की कॉपी लगती है। साथ ही परिवार की सहमति आवश्यक है।
बताया कि इसके लिए मनोज सेंगर के फाेन नंबर 9839161790 पर संपर्क किया जा सकता है। मेडिकल कॉलेज के एनाटाॅमी विभाग में फॉर्म उपलब्ध हैं। मनोज सेंगर ने बताया कि एचआइवी, हेपेटाइटिस बी, कैंसर, शरीर में घाव व अप्राकृतिक मृत्यु की स्थिति में देह को स्वीकार नहीं किया जाता है। इस मौके पर डॉ. फरीद, समिति के सदस्य मुकेश पांडेय, डॉ. विभूति गोयल आदि मौजूद रहे।