अमृत सरोवर के तहत तालाबों का सौंदर्यीकरण कराने के लिए लाखों रुपये खर्च किए गए। कलीनगर तहसील क्षेत्र में सात तालाबों को योजना में शामिल किया। इसमें पिपरिया संतोष गांव में स्थित तालाब भी शामिल किया। निर्माण के लिए 11 लाख, 84 हजार रुपये का बजट स्वीकृत किया गया।
पीलीभीत की कलीनगर तहसील क्षेत्र के गांव पिपरिया संतोष में अमृत सरोवर के तहत करीब 11 लाख की कीमत से तालाब का सौंदर्यीकरण कराया गया। दो महीने बाद ही जरा सी बरसात में तालाब का निर्माण पानी में बह गया। इससे निर्माण कार्य में घपलेबाजी का आरोप लग रहा है। जानकारी मिलने के बाद एसडीएम ने जांच शुरू कर दी है।
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अमृत सरोवर के तहत तालाबों का सौंदर्यीकरण कराने के लिए लाखों रुपये खर्च किए गए। कलीनगर तहसील क्षेत्र में सात तालाबों को योजना में शामिल किया। इसमें पिपरिया संतोष गांव में स्थित तालाब भी शामिल किया। निर्माण के लिए 11 लाख, 84 हजार रुपये का बजट स्वीकृत किया गया।
तालाब के चारों ओर पथवे बनाने के लिए इंटरलॉकिंग सकड़ का भी निर्माण किया गया था। 24 मई 2022 से कार्य शुरू किया गया। फाउंडेशन से लेकर निर्माण कार्य में मानक को दरकिनार किया गया। नतीजतन दो माह बाद ही पूर्व में हुई बारिश में अमृत सरोवर के चारों इंटरलॉकिंग सकड़ नीचे बैठ गई। डाला गया पाइप भी क्षतिग्रस्त हो गया। ग्रामीण का आरोप है कि निर्माण कार्य में मानक के अनुसार कार्य नहीं किया गया है। एसडीएम शिखा शुक्ला ने बताया कि जानकारी मिली है। मामले की जांच कराई जा रही है।