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अमृत योजना : शासन ने बैठाई जांच, ठेकेदार पर होगी एफआईआर

सार

अमृत योजना के तहत 36.30 करोड़ रुपयों के बंदरबांट का मामला शासन तक पहुंच गया है।एडीएम का कहना है कि भौतिक सत्यापन कराकर ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएंगे साथ ही संबंधित अधिकारी के खिलाफ भी कार्रवाई कराई जाएगी।यशवंतरी चौराहा से गैस चौराहा तक कई जगह गड्ढे ठीक से नहीं भरे गए थे, वहां पानी भरा हुआ था।
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थाना सुनगढ़ी से रामा कॉलेज की ओर जाने वाले मार्ग में हुए गड्ढे। संवाद - फोटो : PILIBHIT
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विस्तार
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पीलीभीत। अमृत योजना के तहत 36.30 करोड़ रुपयों के बंदरबांट का मामला शासन तक पहुंच गया है। ठेकेदार शहर में काम आधा-अधूरा छोड़कर चार्ज नगर पालिका के पूर्व ईओ को हैंडओवर कर चला गया था। 17 सितंबर को अमर उजाला ने इसका मामले का खुलासा किया। मामला शासन में पहुंचा तो मुख्यमंत्री के विशेष सचिव प्रथमेश कुमार ने मामले में जांच बैठाते हुए मंडलायुक्त को पत्र भेजकर तीन दिन में जांच रिपोर्ट मांगी। मंडलायुक्त के निर्देश पर अब डीएम ने एडीएम एफआर को जांच सौंपी है। एडीएम का कहना है कि भौतिक सत्यापन कराकर ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएंगे साथ ही संबंधित अधिकारी के खिलाफ भी कार्रवाई कराई जाएगी।
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शहर के 12096 घरों तक पानी की सप्लाई पहुंचाने के लिए अमृत योजना के तहत पाइप लाइन डाली गई थी। 36.30 करोड़ की अमृत योजना 2018 में शुरू हुई और पिछले साल तक इसका कार्य पूरा होना था। इसके तहत 69.33 किलोमीटर नई पानी की पाइप लाइन डाली जानी थी। नगर पालिका द्वारा कई जगहों पर टेस्टिंग के दौरान नई पाइप लाइन क्षतिग्रस्त मिली। पाइप लाइन डालने के लिए यशवंतरी मंदिर से गैस चौराहा, रामा कॉलेज से एकता सरोवर, रामा कॉलेज से थाना सुनगढ़ी, सुनगढ़ी से गैस चौराहा, लेखराज चौराहा से दूधिया मंदिर, शरीफ खां चौराहे से देशनगर, कमल्ले चौराहा से चौक बाजार आदि तक सड़कों को तोड़ा गया। कार्य पूरा होने के बाद कार्यदायी संस्था की जिम्मेदारी थी कि खोदी गई सड़कों को दुरुस्त किया जाता, लेकिन हकीकत ये है कि कुछ जगह खानापूर्ति करने के बाद अधिकतर सड़कों को वैसे ही छोड़ दिया गया। वहीं कई मोहल्ले ऐसे रहे, जिनमें पाइप लाइन भी नहीं डाली गई। पानी की सप्लाई शुरू हुए बिना ही ओवरहेड टंकी नगरपालिका के तत्कालीन ईओ सुरेंद्र प्रताप ने अपने हैंडओवर कर ली।
जब अमर उजाला ने इस घोटाले का 17 सितंबर को खुलासा किया, तो इस मामले को शासन ने गंभीरता लेते हुए जांच शुरू करा दी।
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गड्ढ़ों में भरा गया पानी, आए दिन होते हैं हादसे
पाइप लाइन के लिए तोड़ी गई सड़कों पर गड्ढे ही गड्ढे हैं। उनको सही नहीं किया गया। शनिवार को जब कुछ सड़कों की स्थिति देखी तो सारी हकीकत सामने आ गई। यशवंतरी चौराहा से गैस चौराहा तक कई जगह गड्ढे ठीक से नहीं भरे गए थे, वहां पानी भरा हुआ था। सुनगढ़ी थाने से रामा कॉलेज तक का भी यही हाल था।
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भौतिक सत्यापन किया जाएगा। अगर आधा अधूरा काम करके ठेकेदार चार्ज हैंडओवर करके चला गया है तो उसके खिलाफ एफआईआर कराएंगे, संबंधित अधिकारी के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई कराई जाएगी।
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- राम सिंह गौतम, एडीएम एफआर
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