गन्ना समिति के चुनाव में र्निविरोध अध्यक्ष बनने पर मिठाई खिलाते भाजपा जिलाअध्यक्ष संजीव प्रताप
पीलीभीत। गन्ना समिति के चुनाव में भाजपा ने मजबूत संगठन का एहसास दिला दिया। जिलेभर में अधिकतर उसके ही अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, डेलीगेट और निदेशक निर्विरोध चुने गए। इस दौरान सपा ने सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाया। सपाइयों का कहना था कि ऐसी किलेबंदी की गई कि उनके उम्मीदवार नामांकन तक नहीं कर सके।
गन्ना समिति के चुनाव में भाजपा संगठन ने शुरू से ही मेहनत की। कार्यकर्ताओं ने एक-एक किसान मतदाता से संपर्क किया। इधर सपाई उनके उम्मीदवारों को नामांकन न करने देने का आरोप लगाने तक ही सीमित रहे। नतीजा आया तो वह भाजपा के पक्ष में रहा। अधिकतर सीटों पर भाजपा के उम्मीदवार ही काबिज हुए।
किसानों ने एकतरफा भाजपा को समर्थन दिया है। इससे भाजपा के प्रति उनका कितना प्रेम है यह साफ हो गया है। आरोप जीतने वाले पर हमेशा लगते हैं। यह सब कार्यकर्ताओं और पार्टी के पदाधिकारियों की मेहनत का परिणाम है।
- संजीव प्रताप सिंह, जिलाध्यक्ष, भाजपा
भाजपा ने सत्ता में रहकर सदैव शक्तियों का दुरुपयोग किया है। डेलीगेट चुनाव के लिए सपा के उम्मीदवारों का पर्चा ही नहीं लिया गया। पहले ही गेट को बंद कर दिया गया। जब प्रतिस्पर्धा ही नहीं हुई तो कैसा चुनाव। प्रशासन ने भी सत्तारूढ़ दल का साथ दिया। इससे आगामी चुनाव पर कोई असर नहीं पड़ने वाला है। 2027 में सपा की सरकार बनना तय है। आम जनता और किसान सपा के साथ हैं।
- जगदेव सिंह जग्गा, सपा, जिलाध्यक्ष
गन्ना समिति के चुनाव में र्निविरोध अध्यक्ष बनने पर मिठाई खिलाते भाजपा जिलाअध्यक्ष संजीव प्रताप