पीलीभीत। शासन से मिले गेहूं खरीद के लक्ष्य को पूरा करने और गेहूं को क्रय केंद्र पर लाने की जिम्मेदारी एसडीएम को दी गई है। इसके साथ ही डीएम ने गेहूं भरे वाहनों को रोककर केंद्र पर लाने के लिए कहा है। निर्देश दिए गए हैं कि बैरियर लगाकर इस तरह के वाहनों को जिले से बाहर जाने से रोका जाए और किसानों को सरकारी क्रय केंद्रों पर भेजा जाए।
शासन ने इस बार गेहूं खरीद का लक्ष्य 3.08 लाख मीट्रिक टन दिया है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं। कहा गया है कि कम गेहूं खरीद होने की दशा में खाद्यान्न वितरण पर प्रभाव भी पड़ सकता है। इस पत्र के बाद डीएम ने पूर्व में उत्तर रेलवे के डीआरएम को पत्र भेजा था।
इसमें कहा गया था कि व्यापारियों की ओर से गेहूं को बाहर भेजा जाता है। इसको रोकने के लिए अस्थायी तौर पर मालगाड़ी की रैक को बाहर न भेजा जाए। अब डीएम ने गेहूं को जिले से बाहर जाने से रोकने के लिए सभी एसडीएम, सीओ और मंडी सचिवों को निर्देश जारी किए हैं। कहा है कि किसानों का गेहूं जिले से बाहर भी जा सकता है। ऐसे में केंद्रों का लक्ष्य पूरा नहीं हो सकेगा। वहीं पीडीएस पर भी प्रभाव पड़ेगा।
ऐेसे में गेहूं को जिले से बाहर जाने से रोकने के लिए अपने-अपने क्षेत्रों में बैरियर लगाकर जांच करें। गेहूं को सरकारी केंद्रों पर लाएं ताकि गेहूं खरीद के लक्ष्य की पूर्ति हो सके। जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह ने बताया कि गेहूं को जिले से बाहर जाने से रोकने के लिए सभी एसडीएम, सीओ और मंडी सचिव को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उद्देश्य है कि सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं की अधिक से अधिक खरीद हो।