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Pilibhit News: वसूली में बीडीओ और तीन एडीओ को प्रतिकूल प्रविष्टि, दो लिपिक निलंबित

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प्रका​शित खबर ।
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बिना डीएम को जानकारी दिए घरों पर नंबर प्लेट लगाने के आदेश जारी करने का मामला
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संवाद न्यूज एजेंसी

पीलीभीत। गांवों में घरों पर नंबर प्लेट लगाने के लिए डीएम के आदेश का हवाला देकर अपने स्तर से आदेश जारी कर वसूली के मामले में अब कार्रवाई हुई है। डीएम ने दो लिपिकों को निलंबित किया है तो सीडीओ ने अमरिया के खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) के अलावा पूरनपुर, बरखेड़ा, बिलसंडा के सहायक विकास अधिकारियों (एडीओ) को प्रतिकूल प्रविष्टि जारी की है।

ग्राम पंचायतों में घरों पर नंबर प्लेट लगाने के लिए ब्लॉक कार्यालयों से बिना डीएम को जानकारी दिए उनके हवाले से प्रधानों को आदेश जारी किया गया था। इस मामले का अमर उजाला ने खुलासा किया था। उस समय पूरनपुर से जारी आदेश का संदर्भ दिया गया था।
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मामला जब डीएम के संज्ञान में आया तो उन्होंने ऐसा कोई आदेश न होने की बात कही थी। साथ ही तत्काल आदेश को निरस्त करा दिया था। इधर सीडीओ और डीपीआरओ ने भी अपने स्तर से सभी ब्लॉकों में पड़ताल कराई।

इसके बाद फिर अमर उजाला ने अमरिया के बीडीओ के अलावा बरखेड़ा और बिलसंडा के एडीओ की ओर से आदेश जारी होने का खुलासा किया। ब्लॉकों से इस तरह से डीएम के आदेश का हवाला देकर नंबर प्लेट लगाने के लिए हुए आदेशों को लेकर विभाग की जमकर फजीहत हुई।

इसपर अब सीडीओ ने अमरिया के खंड विकास अधिकारी संजय सिंह यादव, पूरनपुर के सहायक विकास अधिकारी अजय देवल, बरखेड़ा के नजमुल हसन और बिलसंडा के हरीशचंद्र भारती को प्रतिकूल प्रविष्टि जारी की है। साथ ही सभी से स्पष्टीकरण तलब किया है। सीडीओ धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने बताया मामला काफी गंभीर है।



किस गांव में कितनी हुई वसूली, इसका भी मांगा ब्योरा

अमरिया के बीडीओे के अलावा बरखेड़ा, बिलसंडा और पूरनपुर के सहायक विकास अधिकारियों से गांवों में कितने घरों में नंबर प्लेट लगाई गईं और कितनी वसूली की गई, इसका भी ब्योरा मांगा गया है। पूछा गया है कि गांवों में किन लोगों ने यह काम किया वे कहां के थे।
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एसडीएम न्यायिक को सौंपी गई जांच

जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार ने कलक्ट्रेट के सहायक सामान्य अभिलेखापाल लालता प्रसाद और सामान्य अभिलेखागार विश्वजीत सिंह को भी दोषी मानते हुए उन्हें निलंबित कर दिया है। मामले की जांच एसडीएम न्यायिक विजय कुमार को सौंपी गई है।

प्रकाशित खबर ।

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