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Pilibhit News: ठेकेदारों पर कार्रवाई के बाद आरईएस ने लावारिस छोड़ दी सड़कें

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ललौरीखेड़ा क्षेत्र में पैर मारकर सड़क उखाड़ते राहगीर। फाइल फोटो - फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत। सड़क निर्माण में गुणवत्ता खराब मिलने पर ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की गई। अब इन सड़कों को लावारिस छोड़ दिया गया। अफसरों का कहना है कि बिना भुगतान के उन्हीं ठेकेदारों को दोबारा मानक के अनुरूप निर्माण पूरा कराना है। अब वह ठेकेदार इन सड़कों का कब तक निर्माण पूरा करने कराएंगे। यह अफसरों को भी नहीं पता।
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प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत ललौरीखेड़ा क्षेत्र में करीब सात किलोमीटर लंबी सड़क का साढ़े तीन करोड़ लगात से निर्माण कराया जा रहा था। मगर घटिया निर्माण की पोल खुलने के बाद काम रुकवा दिया गया। इधर, भगवंतापुर की जाने वाली सात किलोमीटर लंबी सड़क 4.27 करोड़ की लगात से सड़क कराया जा रहा था। घटिया निर्माण होने से मामला सुर्खियों में आ गया। सड़कों का निर्माण कराने वाली दोनों फर्म को काली सूची में डालने और डिबार करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई।
दोनों ठेकेदारों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करा दी गई। सड़कों का निर्माण पूरी तरह बंद हो गया। अब अग्रिम कार्रवाई तक सड़कों का निर्माण पूरी तरह बंद रहेगा। अफसरों का कहना है कि जिन ठेकेदारों से सड़कों का निर्माण कराया है। उन्हीं ठेकेदारों को निजी खर्च से दोबारा मानक के अनुरूप निर्माण कराना होगा। इसके बाद ही भुगतान किया जाएगा। ऐसे में सड़कों का निर्माण अधर में लटक गया है। सड़कों का निर्माण कब पूरा होगा किसी को नहीं पता।
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जुर्माना अदा करने के बदले घटिया निर्माण
ललौरीखेड़ा क्षेत्र में बरेली रोड से शरीफगंज होते हुए हरचुईया की सड़क का निर्माण मई 2022 में पूरा होना था। इसके बाद भी काम पूरा नहीं होने पर ग्रामीण अभियंत्रण विभाग (आरईएस) की ओर से ठेकेदार पर दस फीसदी पर जुर्माना डाला गया। एक्सईएन के मुताबिक करीब 40 लाख का जुर्माना किया था। जुर्माना के बाद भी ठेकेदार निर्माण में तेजी तो नहीं ला सका, बल्कि जुर्माना के बदले घटिया निर्माण जरूर करा रहा था। इस पर ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई की गई।
ठेकेदार निजी खर्च से सड़कों का दोबारा निर्माण कराएंगे। सर्दी को लेकर काम रुका हुआ है। निर्माण में देरी होने पर एक ठेकेदार पर 40 लाख का जुर्माना भी किया गया था। - फुरकान अली, एक्सईएन आरईएस
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