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पीलीभीत : ट्रैक्टर-ट्रॉली में पीछे से टकराई बाइक, तीन की मौत

सार

जुलूस ए मोहम्मदी देखकर शनिवार रात लौट रहे तीन दोस्तों की हादसे में मौत हो गई।जहां उमैर और उवैश को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया, जबकि अयान की हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर किया गया।वह दिल्ली की एक जैकेट फैक्टरी में मजदूरी करता था।
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मृतक अयान का फाइल फोटो - फोटो : PILIBHIT
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विस्तार
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अमरिया (पीलीभीत)। जुलूस ए मोहम्मदी देखकर शनिवार रात लौट रहे तीन दोस्तों की हादसे में मौत हो गई। उनकी बाइक सितारंगज हाईवे पर गांव लहौरगंज के पास सड़क पर ही खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकरा गई।
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मृतकों में बहेड़ी थाना क्षेत्र के कस्बा फरीदपुर निवासी अंसार अहमद का बेटा उमैर (18), रहीस अहमद का पुत्र उवैश (16) और मोहम्मद शाकिर का बेटा अयान (15) शामिल हैं। ये तीनों शनिवार शाम अमरिया के गांव हर्रायपुर में जुलूस-ए-मोहम्मदी देखने एक ही बाइक से गए थे। उनमें से किसी ने भी हेलमेट नहीं लगाया था। उनके साथ गांव के अन्य लोग भी बाइकों से थे। जुलूस देखने के बाद सभी घर जाने को वापस हुए। इसी दौरान पीलीभीत सितारंगज हाईवे पर अमरिया कस्बे से एक किलोमीटर पहले गांव लहौरगंज के पास सड़क पर खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली के पीछे से उनकी बाइक टकरा गई। हादसे में तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने तीनों को अमरिया सीएचसी भेजा। जहां उमैर और उवैश को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया, जबकि अयान की हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर किया गया। इलाज के दौरान अयान की भी देर रात मौत हो गई। तीनों की मौत की खबर गांव पहुंचते ही कोहराम मच गया। त्योहार की खुशियां गम में बदल गईं।
सड़क पर अंधेरा और तेज गति बनी मौत का कारण
पीलीभीत। सड़क पर अंधेरा, बिना हेलमेट और बाइक की तेज गति। सितारगंज हाईवे पर शनिवार रात को इसी कारण हादसा हुआ। इसके अलावा इस दुर्घटना के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली का चालक भी कम जिम्मेदार नहीं रहा। अगर उसने ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़ी करने के बाद इंडीकेटर जलाए रखे होते तो शायद हादसा नहीं होता।
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साथ आए अन्य लोगों ने बताया कि बहेड़ी के कस्बा फरीदपुर निवासी उमैर, उवैश और अयान हर्रायपुर में जुलूस-ए-मोहम्मदी में शामिल हुए तो काफी खुश थे। जुलूस देखने के बाद सभी वापस घर के लिए निकले। चहुं और घोर अंधेरा था। इसी दौरान सितारगंज की ओर से लौट रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली की लाइट खराब हो गई। चालक ट्रैक्टर-ट्रॉली को खड़ा करके आगे की लाइट सही करने लगा। पीछे उसने कोई लाइट नहीं जलाई। एक ही बाइक पर तेज गति से आ रहे तीनों लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली को देख नहीं सके और हादसा हो गया। बाइक इतनी तेज गति में थी कि उसके ट्रॉली से टकराते ही परखचे उड़ गए। आगे का हैंडिल भी टूट गया। हेलमेट नहीं लगाने से सिर में गंभीर चोट आने से तीनों की मौत हो गई।
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तीन बहनों का अकेला भाई था उवैश
गांव में तीनों के घर पासपास हैं। उवैश तीन बहनों का इकलौता भाई था। वह कक्षा सात का छात्र था। बहन साफिया, इफरा, अनाविया और पिता रईस अहमद, मां आबदा का हादसे के बाद रो-रोकर बुरा हाल है। हादसे ने पूरे परिवार की खुशियां छीन लीं। वहीं अयान गांव के ही एक इंटर कॉलेज में कक्षा 11 का छात्र था। उसकी मौत के बाद छोटे भाई निजाम, मां आबदा, पिता मोहम्मद शाकिर का बुरा हाल है। इसके अलावा उमैर तीन भाइयों में सबसे छोटा था। वह दिल्ली की एक जैकेट फैक्टरी में मजदूरी करता था। गांव में कुछ दिन पहले ही आया था। उसका सबसे बड़ा भाई दिव्यांग है। उमैर की मौत से दोनों भाइयों, मां शकीना, पिता अंसार अहमद का रोते-रोते बुरा हाल है।
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त्योहार की खुशियां मातम में बदलीं
गांव में ईद मिलादुन्नबी की तैयारियां कई दिनों से चल रहीं थी। गांव के ही तीन लड़कों की मौत की खबर से त्योहार की खुशियां मातम में बदल गईं। हादसे के बाद गांव में मातमी सन्नाटा पसरा है।

मृतक उमैर का फाइल फोटो।- फोटो : PILIBHIT

मृतक उवैस का फाइल फोटो।- फोटो : PILIBHIT

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