बीसलपुर। वन विभाग के आरोपी अधिकारियों के अब तक स्पष्टीकरण न देने के कारण जांच अधर में लटकी है।
दियोरिया रेंजर एलएस दीक्षित ने बताया कि लगभग एक माह पूर्व डिप्टी रेंजर दिनेश गिरि और वन दरोगा मंगली प्रसाद को रात में गश्त पर भेजा गया था। गश्त के दौरान दोनों अधिकारियों मेें पहले कहासुनी, गाली गलौज और बाद में मारपीट हो गई। विभागीय उच्चाधिकारियों ने रेंजर को मामले की जांच करने के निर्देश दिए थे।
इसके बाद रेंजर ने दोनों अधिकारियों को नोटिस भेजकर एक सप्ताह में जवाब देने के निर्देश दिए थे लेकिन आरोपी अधिकारियों ने अब तक जवाब नहीं दिया। जिससे जांच अधर में लटकी हुई है। रेंजर ने बताया कि इनमें से एक अधिकारी ने मौखिक रूप से अपनी गलती स्वीकार कर ली है और भविष्य में ऐसी हरकत न करने का आश्वासन भी दिया है। दूसरे अधिकारी ने अभी गलती स्वीकार नहीं की है। यदि दूसरा अधिकारी भी अपनी गलती स्वीकार कर लेगा तो दोनों मेें समझौता करा दिया जाएगा।