30 निजी क्षेत्र व पीपीपी के असीमित व अनियंत्रित फैलाव से आरक्षित वर्ग के आर्थिक, शैक्षिक, व सामाजिक नुकसान के विरोध में आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति पदाधिकारियों ने नेहरू पार्क में धरना दिया। बाद में कलेक्ट्रेट पहुंच कर सिटी मजिस्ट्रेट को 15 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। राष्ट्रव्यापी आह्वान पर शुक्रवार को समिति पदाधिकारी व सदस्यों ने नेहरू पार्क में एकत्रित होकर धरना दिया। धरने को संबोधित करते हुए प्रदेशाध्यक्ष डॉ. गुरमीत राम ने कहा कि निजी क्षेत्र व पीपीपी के असीमित व अनियंत्रित फैलाव के कारण आरक्षित वर्ग के लिए रोजगा र के अवसर समाप्त हो रहे हैं। उच्च न्यायापालिकाओं के हाल के आदेशों द्वारा मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशलिटी कोर्सेज, एकल पदों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती तथा पदोन्नति में आरक्षण समाप्त कर दिया गया है। इससे आरक्षित लोग इन शीर्ष पदों पर नियुक्त नहीं हो सकेंगे।उिन्होंने इसे नाइंसाफी बताया। यहां लाल करन, देवेंद्र कंहैय्या, केके सागर, भानु प्रताप, खेमपाल, केके रजक, हरीशंकर और व्यासमुनि ने विचार रखे। धरने के बाद सभी लोगों ने कलेट्रेट पहुंचकर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल व मुख्यमंत्री को संबोधित 15 सूत्रीय ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। ज्ञापन में मजबूत आरक्षण कानून बनाने, इसे संविधान की नौंवी अनुसूची में रखकर न्यायिक हस्तक्षेप से मुक्त रखने, मजबूत सेवा आयोग का गठन करने, हायर ज्यूडीशरी में जजों की नियुक्ति आईएएस व आईपीएस की भांति करने, निजी क्षेत्र, पीपीपी, आउट सोर्सिंग, संविदा भर्ती में आरक्षण व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू करने, रंगनाथ मिश्र, सच्चर कमेटी की रिपोर्ट को तत्काल लागू किए जाने आदि मांगे शामिल हैं। ज्ञापन सौंपने वालों में राजेष कुमार, बाबूराम, चंद्रिका प्रसाद, बेचेलाल, अजय कुमार, लाल करन, देवेंद्र कन्हैया, केके सागर, भानु प्रताप, खेमपाल, केके रजक, हरीशंकर और व्यासमुनि आदि रहे।