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जिले में 720 ग्राम पंचायतें हैं पर सचिवालय कहीं नहीं हो सका संचालित

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पीलीभीत। ग्राम पंचायतों में पंचायत सहायकों की नियुक्ति तो कर दी गई है, पर अभी तक जिले में एक भी पंचायत सचिवालय संचालित नहीं हो सका है। ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ पाने की लिए भागदौड़ करनी पड़ रही है। यह स्थिति तब है, जब शासन की प्राथमिकता सचिवालय संचालित कराते हुए जन सुविधाएं दिलाने की है।
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जिले में 720 ग्राम पंचायतें हैं। इसमें 658 में पंचायत भवन बनाए जा चुके हैं। अधिकतर पंचायत भवनों में बिजली है, पर इंटरनेट कनेक्शन नहीं मिल सका है। ग्राम सचिवालय में जनसेवा केंद्र संचालित किया जाना है, ताकि विभिन्न विभागों की ऑनलाइन सेवाएं मिल सकें।
प्रदेश सरकार के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार ने डीएम को पत्र भेजकर ग्राम पंचायत स्तर पर सचिवालय संचालित करने के निर्देश दिए हैं। डीएम के आदेश पर जिला पंचायत राज अधिकारी अपने कर्मचारियों के संग अब गांव-गांव फिर रहे हैं। कोशिश है कि आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर कम से कम 75 ग्राम सचिवालय संचालित कर दिए जाएं।
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जिला पंचायत राज अधिकारी वाचस्पति झा ने सोमवार को उदयपुर गांव के पंचायत भवन का निरीक्षण किया तो उन्हें भवन बंद मिला। अधिकतर पंचायत भवनों में अभी जरूरी व्यवस्थाएं नहीं हो सकी हैं। इससे संचालन में दिक्कत आ रही है।
सचिवालय से दिया जाना है 243 सेवाओं का लाभ
विभिन्न विभागों की 243 योजनाओं का लाभ ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से दिया जा रहा है। इसमें पेंशन, जन्म या मृत्यु प्रमाण पत्र समेत कई सेवाएं शामिल हैं। इनके लिए ग्रामीणों को जिला, तहसील या ब्लॉक मुख्यालय तक की भागदौड़ करनी पड़ती है। ग्राम सचिवालय बनाकर एक ही छत के नीचे सभी सेवाएं देने का इरादा सरकार ने बनाया है।
सभी के बैठने के लिए अलग-अलग कक्ष
पीलीभीत ग्राम सचिवालय में पंचायत सहायक के साथ बैंक सखी, ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत सचिव के बैठने की व्यवस्था की गई है, ताकि ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान गांव में ही हो सके। सचिवालय में ग्राम प्रधान व पंचायत सहायक के लिए अलग-अलग कक्ष हैं। विभागीय बैठक के आयोजन के लिए हॉल बनाया गया है।
यह मिला हाल
बिलगवां में बंद मिला सचिवालय
ग्राम सचिवालय बिलगवां सुबह 11 बजे बंद मिला। प्रधान गंगा प्रसाद ने बताया कि पंचायत सहायक गांव में हो रहे विकास कार्यों को देखने के लिए जाते हैं। सचिवालय में अभी बैंक सखी की नियुक्ति नहीं हो सकी है। कॉमन सर्विस सेंटर का संचालन शुरू कराया जाना है।
लालपुरिया में भी 10:36 तक नहीं खुला
ग्राम पंचायत लालपुरिया का ग्राम सचिवालय 10:36 पर बंद मिला। ग्राम प्रधान गंगाराम ने कहा कि शौचालय बनवाए जा रहे हैं। पंचायत सहायक सर्वे के लिए घर-घर जाती हैं। समय से ग्राम सचिवालय दिनभर नहीं खुल पाता है। बाहर के काम करने के बाद वह ग्राम सचिवालय में बैठतीं हैं। बैंक सखी सचिवालय में नहीं बैठती हैं। जरूरतमंदों के घर जाकर बैकिंग सेवाएं दे रहीं हैं।
पंचायत सचिवों के माध्यम से ग्राम स्तर पर सरकारी योजनाओं का लाभ देने की कवायद है। शासन की प्राथमिकता के अनुरूप ग्राम सचिवालय बनाए जा रहे हैं। अगर किसी गांव में पंचायत सहायक हैं और ग्राम सचिवालय फिर भी नहीं खुल रहे हैं तो उसे दिखवाया जाएगा। -धर्मेंद्र प्रताप सिंह, मुख्य विकास अधिकारी
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