बीसलपुर। दिव्यानंद आश्रम पर सोमवार को स्वामी दिव्यानंद के जन्म दिवस पर प्रवचन और भंडारा हुआ। संडीला (हरदोई) से आए गुरु देवेंद्र मोहन भइया ने कहा कि सेवा करके ही शांति और संतोष प्राप्त किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि परमात्मा को प्राप्त करना आसान है, लेकिन इंसान बनना मुश्किल है। जब इंसान के दिल का शीशा साफ होता है, तो प्रभु का दर्शन बड़ी आसानी से हो जाता है।
मनुष्य अपने चरित्र और जीवन में संयम, विकास तभी ला सकता है, जब वह अपने भीतर की कमियोंं को दूर कर ले। उन्होंने कहा कि गुरु-शिष्य की परंपरा का निर्वहन प्राचीनकाल से होता चला आ रहा है। मौजूदा समय में इस निर्वहन में काफी गिरावट आई है। मानव सेवा ही प्रभु भक्ति है। गुरु लोग सत्य सनातन धर्म और मानव कल्याण के लिए पूरी पृथ्वी को अपना परिवार मानते हैं।
आरती के साथ प्रवचन कार्यक्रम का समापन हो गया। इसके बाद भंडारे में काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। व्यवस्था में गेंदनलाल, प्रीतमलाल, संजय श्रीवास्तव, मनोज वर्मा, रामपाल वर्मा, पुत्तूलाल शर्मा, कमेंद्र कुमार आदि का सहयोग रहा।
माता-पिता का कर्तव्य है अपने बच्चों को अच्छे संस्कार दें : पाठक
पीलीभीत। साहूकारा स्थित श्री राधा रमन मंदिर में चल रही श्रीराम कथा के पांचवें दिन कथा व्यास पंडित बृजेश पाठक ने कहा कि माता-पिता का कर्तव्य है कि वे अपने बच्चों को अच्छे संस्कार दें।
कहा-पिता वही है जो अपने बालक से प्रेम करे, उसका पालन-पोषण करे, साथ ही भगवान की ओर प्रेरित करें। इसके साथ ही अच्छे संस्कार दे। इसके विपरीत आज का व्यक्ति अपने बालकों को मोटर कार तो देता है पर संस्कार नहीं देता। परिणाम यह होता है ऐसा बच्चा माता-पिता का तो अनादर करता ही है देश और समाज का भी अनिष्ट करता है।
उन्होंने कहा कि रामायण में बाली ने स्वयं तो प्रभु राम के चरणों में समर्पण किया ही, अपने पुत्र अंगद को भी सेवा में समर्पित कर दिया। संवाद
श्री रामकथा के अंतिम दिन सुनाया रावण वध का प्रसंग
बिलसंडा। गांव घनश्यामपुर में चल रही श्रीराम कथा को सोमवार को विश्राम दिया गया।
कथावाचक पंकज मिश्रा ने कहा कि माता सीता की खोज में लंका जाने के दौरान वीर हनुमान को रास्ते में कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ा। समुद्र पार करते समय सुरसा नामक राक्षसनी का सामना करने के बाद लंका पहुंचकर माता सीता की खोज करने। स्वर्ण नगरी लंका को जला डालने, लंका में श्रीराम के नाम का परचम लहराने के बाद लौटकर प्रभु श्रीराम को पूरा वृतांत सुनाने के साथ प्रभु राम के लंका पर चढ़ाई करने और रावण वध करने के बाद विभीषण को राजगद्दी सौंपने के प्रसंग भी सुनाए। संवाद
खाटू श्याम के भजनों पर झूमे श्रद्धालु
बीसलपुर। श्री सांवरिया परिवार सेवा समिति के तत्वावधान में अग्रवाल सभा भवन में शुक्रवार की रात खाटू श्याम का संकीर्तन हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या मेंं श्रद्धालु शामिल हुए।
कार्यक्रम में रुद्रपुर के अमन सांवरिया, दिल्ली की भावना सिंह, वृंदावन के हरिवंश अमन आदि ने खाटू श्याम के भजन सुनाए। संचालन शाहजहांपुर से आए विकास कुमार ने किया। व्यवस्था में समिति के अध्यक्ष रोहित श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष भोला रस्तोगी, कोषाध्यक्ष अमित वर्मा, प्रबंधक अनुज मित्तल, मंत्री गुरुप्रताप देवल, रोहित रस्तोगी आदि का सहयोग रहा। संवाद
पीलीभीत के मोहल्ला साहूकारा स्थित राधा रमण मंदिर में रामकथा सुनाते कथाव्यास पंडित बृजेश पाठक।स