नेपाल बार्डर से सटे नौजल्हा इलाके में तेंदुए की दहशत कम नहीं हो पा रही है। सात दिन से लगातार अपनी दस्तक दे रहा तेंदुआ रविवार रात करीब दस बजे गांव में आबादी के बीच पहुंच गया। घर के बाहर फोन पर बातचीत कर रहे युवक ने उसको देखा तो उसके पसीने छूट गए। चीख पुकार पर ग्रामीण जमा हुए और आग जलाकर शोर शराबा किया। जिसके बाद जैसे-तैसे तेंदुआ वापस जंगल की तरफ निकल गया। दूसरे दिन वनकर्मी गांव पहुंचे और ग्रामीणों को अलर्ट कर औपचारिकता निभा चलते बने। नेपाल बार्डर पर स्थित नौजल्हा गांव से पीलीभीत टाइगर रिजर्व की बराही रेंज का जंगल काफी पास में है। यहां पर पिछले सात दिनों से लगातार तेंदुआ दस्तक दे रहा है, लेकिन वन विभाग की ओर से कोई पुख्ता बंदोबस्त नहीं किए जा रहे। रविवार रात करीब 10 बजे आबादी में स्थित गांव के शिवा के मिर्च के खेत में तेंदुआ आ पहुंचा। घर के बाहर फोन पर बात कर रहे उनके भतीजे सोनू को कुछ आहट हुई। इस पर उसने टॉर्च से खेत की तरफ रोशली डाली तो सामने तेंदुआ दिखाई दिया। यह देख उसके पसीने छूट गए। वह चीखता चिल्लाता घर की तरफ दौड़ पड़ा। शोर सुनकर आसपास के काफी ग्रामीण आ गए। उनको खेत पर तेंदुआ दिखाई देने की बात बताई गई। जिसके बाद गांव के लोग एकजुट हुए और लाठी डंडे लेकर शेार शराबा शुरू कर दिया। कई जगह आग जलाई गई। जिसके बाद तेंदुआ जंगल की तरफ भाग गया। इसकी सूचना वन विभाग को दी गई, लेकिन रात भर कोई कर्मचारी गांव पहुंचा ही नहीं। दूसरे दिन एक टीम मौके पर पहुंची और जानकारी की। इस दौरान ग्रामीणों को सुरक्षा के टिप्स देते हुए वन्यजीवों के हमले को लेकर अलर्ट किया गया। मौके पर आए वन दरोगा गिरीश कुमार ने बताया कि तेंदुए की दस्तक को देखते हुए निगरानी के लिए वॉचर लगाए गए हैं। -