पीलीभीत। आरोग्य भारती की ओर से सोमवार को ललित हरि राजकीय स्नातकोत्तर आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय में रोग निदान विभाग के सहयोग से एक सेमिनार का आयोजन हुआ। जिसमें जनसामान्य से आयुर्वेद उपचार के प्रति जागरूक करने के साथ ही गंभीर बीमारियों के उपचार के तरीके बताए गए। गुड़गांव से डॉ. अभिषेक गुप्ता ने कहा कि आयुर्वेद में बिना ऑपरेशन के भी कई गंभीर बीमारियों का उपचार संभव है। यहीं वजह है कि आयुर्वेद के प्रति लोगों की रुचि बढ़ने लगी है। डॉ. मोहम्मद शाहिद ने कहा कि आयुर्वेद में सभी तरीके के रोगों का इलाज है, वैदिक आयुर्वेद की सभी दवाएं नीम, तुलसी, हल्दी आदि जड़ी बूटियों से बनाई जाती है। प्राचार्य डॉ. राकेश कुमार तिवारी ने रोग बचाव के तरीके और रोग उत्पन्न होने से पूर्व शरीर पर रोगों का आक्रमण होने से बचाव के तरीके और अरोग्य निरोग्य में अंतर बताया। रोग निदान विभाग के डॉ. अतुल वार्ष्णेय ने कहा कि आयुर्वेद की जानकारी हर व्यक्ति तक पहुंचाई जाएगी क्योंकि इसमें सभी तरह के रोगों को पूरी तरह से इलाज होता है। यह न सिर्फ दर्द को खत्म करते हैं बल्कि स्थायी इलाज आयुर्वेद में ही संभव है। इसके साथ निरो स्ट्रीट एप के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है।