खेकड़ा (बागपत)। बुधवार को बड़ागांव मार्ग पर निर्भय एंकलेव स्थित धरणेंद्र पदमावती धाम जैन मंदिर में आर्यिका 105 सरस्वती माता के सानिध्य में महिला जैन मिलन तथा श्री पार्श्वनाथ महिला मंडल खेकड़ा के तत्वावधान में श्री णमोकार महामंत्र विधान का आयोजन किया। विधान में सरस्वती माता जी ने अरहन्त परमेष्ठी के 46 मूल गुणों की पूजा कराई। आर्यिका 105 सरस्वती माता ने कहा कि यह विधान रिद्धि-सिद्धी प्राप्त करने के लिए है, जो लोग आस्था के साथ इस विधान में नियमित भाग लेते हैं, उनको संकट से मुक्ति मिल जाती है और सभी मनोकामना पूर्ण होती हैं। सच्चे मन से भक्ति से ही मनुष्य को शक्ति की प्राप्ति होती है और मनुष्य निरोगी हो जाता है। मनुष्य को सदैव धर्म मार्ग पर चल अपने जीवन को कष्ट मुक्त कर सार्थक बनाना चाहिए। विधान में 143 अर्ध्य चढ़ाए। विधान के समापन पर आरती की। इस दौरान वीना जैन, रुचि जैन, पूनम जैन, दीपा जैन, रीना जैन, दिव्या जैन, सरला जैन, ममता जैन, जनेश्वर दयाल जैन, संदीप जैन, मुकेश जैन आदि श्रद्धालु मौजूद रहे। ब्यूरो