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50 दिन बाद घर पहुंची लापता शैली

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पीलीभीत। रहस्यमय ढंग से लापता हुई मानसिक मंदित मोहल्ला वशीर खां निवासी 34 वर्षीय शैली परवीन पुत्री वशीर अहमद आखिरकार 50 दिन बाद परिवार के बीच पहुंच गई। बरेली के मनोवैज्ञानिक एवं ह्यूमन राइट एक्टिविस्ट शैलेश कुमार शर्मा की मदद से मुंबई की समाजसेवी संस्था श्रद्धा रिहैबिलिटेशन फाउंडेशन ने उसका न सिर्फ इलाज किया, बल्कि घर तक पहुंचा दिया। उसकी दो माह की दवा भी दी गई है। पांच दिसंबर 2018 की शाम घर से लापता होने के बाद शैली परवीन किसी तरह मुंबई पहुंच गई थी। आठ दिसंबर को वह बडाला इलाके में घूमती मिली। जिस पर उसको शिवड़ी थाने की पुलिस अपने साथ ले गई और श्रद्धा रिहैबिलिटेशन फाउंडेशन संस्था के सदस्यों के सुपुर्द कर दिया गया। उसकी मानसिक स्थिति को देखते हुए संस्था से जुड़े मनोवैज्ञानिक चिकित्सक डॉ. भरत वारवानी ने उसका इलाज किया। कुछ दिन बाद उसने अपने नाम-पते की जानकारी दी तो संस्था के लोगों ने बरेली के मनोवैज्ञानिक एवं ह्यूमन राइट एक्टिविस्ट शैलेश कुमार शर्मा से संपर्क साधा। उन्होंने परिवार को तलाशा और फिर मुंबई जाकर शैली परवीन को ले आए। बृहस्पतिवार को उसको परिवारीजनों के सुपुर्द कर दिया गया। लापता बेटी के मिलने के बाद मां नूरजहां समेत अन्य सदस्यों ने शैली परवीन को घर पहुंचाने में मदद करने वालों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि वह शैली के मिलने की आस लगभग खो चुके थे।
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