पीलीभीत। कागजों में बिजली सप्लाई भले 24 घंटे कर दी गई हो, लेकिन शहर का एक बड़ा हिस्सा अघोषित कटौती की मार झेल रहा है। दिन हो या रात फाल्ट के नाम पर इस इलाके में चार-पांच घंटे रोजाना बिजली गुल रहती है। न तो यहां लाइन लॉस रुक सका है, न ही फाल्ट कम हुए। यही हाल रहा तो गर्मियों में दिक्कत और बढ़ जाएगी। इस इलाके में करीब 12 हजार कनेक्शन हैं, जिनसे विभाग को प्रति माह 50 लाख से अधिक राजस्व प्राप्त होता है। इसके समाधान को बनी योजना एक साल से फाइलों में दबी है। शहर में बिजली सप्लाई सुचारु रखने के लिए कुल 17 फीडर हैं। पिछले कई महीने से टाउन वन, टू, थ्री और फोर में बिजली कटौती की समस्या बनी हुई है। इससे करीब आधा शहर प्रभावित है। पिछले साल स्टोर सेंटर बिजली सबस्टेशन बनने के बाद दूधिया मंदिर, बाग गुलशेर खां, लकड़ी मंडी औन उनके आसपास के कई इलाकों में बिजली सप्लाई यहीं से होती है। इधर, टाउन वन इलाका काफी बड़ा होने की वजह से ओवरलोड की दिक्कत बनी हुई थी। इसके अस्थाई समाधान को पावर कारपोरेशन के अधिकारियों ने इसे भी दो भागों में बांट दिया। लोड कम करने के लिए सुनगढ़ी थाना से गैस चौराहा तक एक नई लाइन बनवाई गई और उसे रामलीला, डिग्री कॉलेज चौराहा, नई बस्ती, काला मंदिर, मेन मार्केट की सप्लाई वाले टाउन नंबर दो से जोड़ दिया। इससे टाउन वन का लोड तो कम हुआ, लेकिन दिक्कत बनी रही। शहर से सटे गांव बरहा, नौगवां पकड़िया, असम चौराहा से सटे इलाकों की सप्लाई वाला टाउन थ्री और अस्पताल फीडर भी नहीं सुधरा।