पीलीभीत। भूमि की उर्वराशक्ति बरकरार रखने और पैदावार में बढ़ोतरी के लिए जिंक का इस्तेमाल किया जाता है। खाद की दुकानों पर नमक से तैयार जिंक का कारोबार धड़ल्ले से किया जा रहा है। जानकारी के अभाव में किसान नकली जिंक खरीदकर ठगे जा रहे हैं। खराब होती जमीन की सेहत सुधारने के लिए कृषि विभाग के अधिकारी किसानों को खेतों में जिंक के इस्तेमाल की सलाह देते हैं। जिंक से ही फसल को वे सभी पोषक तत्व मिलते हैं, जिनकी फसल को जरूरत होती है। इन दिनों खाद की दुकानों पर नकली जिंक बेची जा रही है। किसान कुलवंत सिंह ने बताया कि न्यूरिया के एक खाद व्यापारी से पिछले दिनों जिंक खरीदी। खेत में इस्तेमाल करते समय पता चला कि वह नकली है। उन्होंने बताया कि जिंक को नमक से तैयार कर बेचा जा रहा है। इसकी शिकायत जब अधिकारियों से करने की बात कही तो दुकानदार ने क्षमा मांगते हुए दूसरी जिंक दे दी। इधर, जिला कृषि अधिकारी डॉ. विनोद कुमार यादव का कहना है कि जिले में खाद की दुकानों पर समय-समय पर छापामारी की जाती है। नमूने भी लिए जाते हैं। कोई भी उर्वरक या पेस्टीसाइड जांच में नकली पाए जाने पर कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कहा कि जिंक नकली होने की आशंका पर किसान विभाग में शिकायत दर्ज कराएं, कार्रवाई की जाएगी।