पीलीभीत। कंपनी डायरेक्टर के जेल जाने पर खाताधारकों से एजेंट वसूली कर अपने पास रखता रहा। जेल से छूटने पर जब डायरेक्टर को जानकारी हुई तो आरोपी ने मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
अमरिया थाना के गांव सरैनी तिरकुनिया निवासी अशोक कुमार गंगवार ने कोर्ट के आदेश पर सुनगढ़ी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसमें कहा कि नौगवा पकड़िया में ओएमजेलैंड डवलपमेंट प्रालि नाम से कंपनी खोली थी जिसका वह डायरेक्टर था। कंपनी में बरखेड़ा के गांव मूसेपुर निवासी लालता प्रसाद अभिकर्ता के रूप में काम कर रहा था। इसी दौरान एक मुकदमे में उसे जिला जेल बरेली में बंद कर दिया गया। 12 फरवरी 2014 से पांच जनवरी 2016 तक अशोक जेल में रहा। उसके जेल जाने के बाद लालता प्रसाद फर्जी रसीदों से आरडी और एफडी खाता धारकों से रुपये लेता रहा। रसीदें भी खुद जारी कर रहा था। धोखाधड़ी कर करीब 40 लाख रुपये लोगों से ठग लिए थे। जेल से छूटने पर खाताधारकों से उसे मामले की जानकारी मिली। 23 नबंवर 2021 को लालता प्रसाद मिला और उससे जानकारी की तो गालीगलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने सुनवाई नहीं की तो कोर्ट की शरण ली। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है।