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शारदा नदी की चौड़ाई के आंकलन को सर्वे शुरू

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माधोटांडा/पीलीभीत। नेपाल की ओर से जनपद सीमा में प्रवेश करने से लेकर लखीमपुर तक शारदा नदी की चौड़ाई का आंकलन करने के निर्देश दिए गए हैं। इस पर एससीएल कंपनी ने सर्वे का काम शुुरू कर दिया है। दरअसल, शारदा नदी हर साल दाएं, बाएं किनारे की ओर कटान करती है, इससे नदी की वास्तविक चौड़ाई का आंकलन नहीं हो पाता है। तराई क्षेत्र में शारदा डैम के सामने से निकली शारदा नदी बरसात के दौरान हर साल जबरदस्त कटान कर कृषि भूमि को अपने आगोश में ले लेती है। खास बात यह है कि कटान के चलते नदी का रुख स्पष्ट नहीं हो पाता है। नदी कभी दाएं तो कभी बाएं किनारे की ओर कटान शुरू कर देती है। इसके नदी की चौड़ाई में लगातार इजाफा हो रहा है। यही नहीं किसानों की फसलें और जमीन भी नदी में समाती जा रही हैं। इस सब के चलते शासन ने नदी की वर्तमान स्थिति का आंकलन कराने का निर्णय लिया है, इसके चलते दो दिन पूर्व शासन के निर्देश पर एससीएल कंपनी की टीम ने जनपद में तराई क्षेत्र के रमनगरा में सर्वे शुरू किया है। टीम जनपद सीमा में नोमेंस लैंड से लेकर लखीमपुर सीमा तक नदी की चौड़ाई कितनी बढ़ी है, इसका सर्वे कर रिपोर्ट तैयार करेगी। शारदा डैम के दाएं किनारे की ओर नदी कितना कटान कर चुकी है, यह जानने के लिए टीम नदी की चौड़ाई के साथ दाएं ओर करीब 10 किलोमीटर लंबाई में भी सर्वे करेगी। टीम जनपद सीमा में नदी के प्रवेश स्थल से लेकर लखीमपुर सीमा तक यह सर्वे प्राथमिकता के आधार पर करने के आदेश मिले है।
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